Darbhanga : जमीन की किस्म तय करने के नाम पर अवैध उगाही का खेल

Published by : DIGVIJAY SINGH Updated At : 22 May 2025 9:41 PM

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बहेड़ा भू-निबंधन कार्यालय के कर्मियों द्वारा जमीन के भौतिक सत्यापन के नाम पर अवैध वसूल किये जाने की चर्चा आम बनी हुई है.

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Darbhanga : भौतिक सत्यापन के दौरान की जाती वसूली, सरकार काे भी लग रहा चूना Darbhanga : बेनीपुर. बहेड़ा भू-निबंधन कार्यालय के कर्मियों द्वारा जमीन के भौतिक सत्यापन के नाम पर अवैध वसूल किये जाने की चर्चा आम बनी हुई है. प्लॉट जांच के नाम पर कर्मियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली से सरकारी राजस्व की भारी क्षति हो रही है. विदित हो कि भू-निबंधन के दौरान राजस्व की चोरी रोकने के लिए सरकार ने सख्ती बरतते हुए निबंधन कार्यालय के अधीन नगर परिषद के सभी वार्डों, पेरीफेरल व ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों विकसित व विकासशील गांवों को जांच की श्रेणी में रखा है. इन क्षेत्रों की जमीन के निबंधन से पूर्व निबंधन पदाधिकारी द्वारा उसका भौतिक सत्यापन कराने का प्रावधान है, लेकिन पदाधिकारी एवं कर्मियों की मिलीभगत के कारण सरकार की यह व्यवस्था भी सरकारी मुलाजिमों की अवैध कमाई का जरिया बन गया है. जानकारी के अनुसार बिक्री होने वाली जमीन के भौतिक सत्यापन के लिए डाटा ऑपरेटर, आदेशपाल से लेकर चालक तक अधिकृत रहते हैं. कई क्रेताओं ने बताया कि इन कर्मियों द्वारा जांच के नाम पर प्रति प्लॉट दो हजार रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है. इसका कारण यह है कि इन्हीं जांचकर्ता की रिपोर्ट पर जमीन की किस्म तय होती है. यथा- धनहर, आवासीय, बगीचा, कॉमर्शियल आदि तय होता है. कहा जाता है कि जांचकर्ता इसी आड़ में पार्टी से सौदेबाजी करते हैं. सौदे तय होन पर आवासीय को धनहर व बगीचा को आवासीय दिखा धड़ल्ले से बहेड़ा निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है. वहीं सौदा तय नहीं होने पर बीच चौर में नदी किनारे व ट्रॉली लाइन के किनारे वाली जमीन को आवासीय बताकर क्रेता का दोहन किया जाता है. वहीं कार्यालय कर्मी व क्रेताओं के बीच कथिततौर पर कातिब कड़ी का काम करते हैं. इसके अलावा कई पुराने जमाने का टैक्स यहां आज भी वसूले जाते हैं. ऐसा नहीं करने पर कार्यालय द्वारा निबंधन में विभिन्न प्रकार की अड़चन लगा दी जाती है, जिससे मजबूरन क्रेता को कार्यालय से तय रकम देना पड़ रहा है. निबंधन ने पूर्व ये एरिया जांच के दायरे में जमीन निबंधन से पूर्व जांच के दायरे में बेनीपुर नगर परिषद के सभी वार्ड के अतिरिक्त बेनीपुर क्षेत्र के पेरीफेरयल क्षेत्र के तहत लगभग तीन दर्जन गांव के अलावा नगर पंचायत बहेड़ी व घनश्यामपुर नगर पंचायत के क्रमश: रसलपुर सोहरन उर्फ बहेड़ी व पाली, अलीनगर पेरीफेरल क्षेत्र के अलीनगर, हरसिंहपुर, अधलोआम, मोतीपुर, पकड़ी, मिल्की, अंदौली, जयंतीपुर चकमिल्की, घनश्यामपुर प्रखंड के घनश्यामपुर, पुनहद, पोहद्दीबेला, कोर्थू, मनीगाछी के ब्रह्मपुर, दहौरा, राघोपुर, नेहरा, माउबेहट, राजे, मनीगाछी, चनौर, बघांत, बहेड़ी के बघौनी, शंकर लोहार, जोरजा, दिलावरपुर, खरारी, मलहा, हावीडीह, ठाठोपुर, हथौड़ी, गुजरौली व तारडीह के सकतपुर, लगमा, कठरा, महथौर, नदियामी, शेरपुर, ककोढ़ा, तारडीह पंचायत को रखा गया है. मेरे योगदान से पूर्व से ही इन सभी हल्का को जांच के दायरे में रखा गया है. वहां की जमीन का जांचोपरांत ही निबंधन किया जा रहा है. जांच के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी. – धर्मेंद्र कुमार दुबे, निबंधन पदाधिकारी

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