दरभंगा में मॉनसून ने तोड़ी किसानों की उम्मीद, सूख रहे बिचड़े, खेतों में पड़ने लगी दरारें

Updated:
विज्ञापन
Darbhanga Monsoon Update

AI जेनरेटेड फोटो

Darbhanga Monsoon Update: दरभंगा के जाले और कमतौल क्षेत्र में कमजोर मॉनसून से धान के बिचड़े सूखने लगे हैं. खेतों में दरारें पड़ रही हैं और किसान सूखे की आशंका से चिंतित हैं. जानिए पूरी स्थिति.

विज्ञापन

दरभंगा के कमतौल से शिवेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट

Darbhanga Monsoon Update: दरभंगा जिले के कमतौल और जाले प्रखंड में कमजोर मॉनसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले आर्द्रा नक्षत्र में भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान के बिचड़े सूखने लगे हैं. खेतों की नमी खत्म हो रही है और कई जगहों पर दरारें पड़ चुकी हैं. इससे धान की रोपाई लगभग ठप पड़ गई है.

ये भी पढ़ें: बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 15 जुलाई से आवेदन, जानें जरूरी दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

बादल आते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती

जुलाई शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है. आसमान में बादलों की आवाजाही जरूर हो रही है, मगर बारिश नहीं होने से खेत सूखते जा रहे हैं. तेज धूप और उमस ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.

किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इस बार भी सूखे जैसी स्थिति बन सकती है.

पीले पड़ने लगे धान के बिचड़े

जाले प्रखंड के अहियारी गोट, बेलबाड़ा, मिर्जापुर और अहियारी गांव के किसानों ने बताया कि किसी तरह धान का बिचड़ा तैयार किया गया था, लेकिन बारिश नहीं होने से वह पीला पड़ने लगा है.

खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण रोपाई का काम भी प्रभावित हो रहा है. कई किसानों ने फिलहाल रोपाई रोक दी है और बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: हज पर जाना है तो जल्द करें आवेदन, 20 जुलाई आखिरी तारीख, जानें जरूरी दस्तावेज और नियम

खेतों में पड़ने लगी दरारें

प्रगतिशील किसान धीरेन्द्र कुमार, अरुण राय, गिरबल महतो, राघवेंद्र ठाकुर और महेंद्र यादव ने बताया कि इस बार भी मॉनसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हुआ है.

उनका कहना है कि खेत पूरी तरह सूखने लगे हैं. मिट्टी की नमी खत्म होने से जगह-जगह दरारें पड़ रही हैं. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.

किसानों की बढ़ रही चिंता

आर्द्रा नक्षत्र धान की खेती के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है. इसके बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिख रही हैं. अब कुछ ही दिनों बाद आषाढ़ का महीना भी समाप्त होने वाला है.

किसानों का कहना है कि यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो खेती की लागत बढ़ेगी, उत्पादन घटेगा और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. फिलहाल पूरे इलाके के किसान झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि धान की रोपाई समय पर पूरी हो सके.

ये भी पढ़ें: मैरिज ऐप पर हुई दोस्ती ने बर्बाद कर दी जिंदगी, प्यार, गेमिंग और निवेश के जाल में युवक से 40 लाख की साइबर ठगी

विज्ञापन
Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन