Darbhanga Kusheshwarsthan Flood Update: नेपाल में बैरेज के फाटक खोलने के बाद बढ़ा नदियों का जलस्तर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी के कई गांवों का सड़क संपर्क टूटा

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आवागमन के लिये नदी किनारे नाव के पास एकत्र लोग

Darbhanga Kusheshwarsthan Flood Update: नेपाल में बैरेज के फाटक खोले जाने के बाद कोसी और कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ गया है. दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी के कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और लोग निजी नावों के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं. जानिए पूरी खबर…

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दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी से संतोष पोद्दार की रिपोर्ट

Darbhanga Kusheshwarsthan Flood Update: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से हो रही भारी बारिश का असर अब मिथिलांचल के निचले इलाकों में साफ दिखने लगा है. नेपाल से आने वाले पानी के भारी दबाव को देखते हुए वीरपुर बैरेज के सात फाटक खोले जाने के बाद कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड से होकर गुजरने वाली कोसी एवं कमला बलान नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है. पानी बढ़ने के साथ ही प्रखंड के कई निचले इलाकों में बाढ़ ने दस्तक दे दी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं.

बाढ़ से कई गांवों का सड़क संपर्क भंग, निजी नाव ही एकमात्र सहारा 

कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से पश्चिमी तटबंध के पूरब बसे क्षेत्रों में सबसे पहले बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है. इटहर पंचायत के चौकिया, लक्ष्मीनियां और बलथरवा गांव सहित भिण्डुआ पंचायत के गोबराही गांव का सीधा सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. इन गांवों के लोगों को बाजार, अस्पताल या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अब निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. इटहर निवासी शिक्षक घनश्याम ठाकुर ने बताया कि सड़क पर पानी आने के कारण उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर, निजी नाव का किराया देकर विद्यालय जाना पड़ रहा है. नाव समय पर न मिलने से जहां स्कूल जाने में देरी होती है, वहीं क्षमता से अधिक लोग बैठने के कारण हमेशा हादसे का डर बना रहता है.

कोसी के बढ़ते जलस्तर से कई गांवों पर मंडराया कटाव का खतरा 

इधर कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण छोटकी कोनिया, बड़की कोनिया, कुंज भवन, सेवका तथा ब्रह्मोत्तर गांव के समीप कटाव का खतरा मंडराने लगा है. हालांकि फिलहाल कहीं से बड़े कटाव की सूचना नहीं है, लेकिन नदी की तेज धारा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं. खेतों में लगी धान की नर्सरी तथा अन्य फसलें पानी में डूबने लगी हैं, जिससे किसानों और पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है.

अंचल प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर रखी जा रही है पैनी नजर 

इस संबंध में प्रभारी अंचल अधिकारी (सीओ) राकेश सिंह यादव ने बताया कि कोसी एवं कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि की सूचना प्राप्त हुई है. अंचल प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि अभी बाढ़ जैसी भयावह स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है और ग्रामीणों की मांग तथा आवश्यकता के अनुसार जल्द ही सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा.

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सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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