छठ पर्व पर कैसे बनेगा हराही पोखर के किनारों पर घाट, बोल्डरों से बढ़ी व्रतियों की चिंता

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हराही तालाब के किनारे डाले गये पत्थर के बोल्डर. | Prabhat Khabar Network

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दरभंगा में छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन हराही पोखर के घाटों पर बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं। इससे लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्हें पानी में उतरकर पूजा करनी पड़ती है।

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Darbhanga News: लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ इस वर्ष 13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा, लेकिन दरभंगा जंक्शन से सटे ऐतिहासिक हराही पोखर के घाटों को लेकर अभी से सवाल खड़े होने लगे हैं. पोखर के उत्तरी और पश्चिमी किनारों पर बड़े-बड़े पत्थर के बोल्डर डाल दिये गये हैं. ऐसे में व्रतियों के लिए पानी में उतरकर भगवान भास्कर की आराधना करना मुश्किल हो सकता है. शहर में सबसे अधिक श्रद्धालु इसी पोखर पर छठ पूजा करने पहुंचते हैं.

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करीब 10 हजार श्रद्धालुओं की बढ़ सकती है परेशानी

हराही पोखर पर शहर के करीब आठ वार्डों से बड़ी संख्या में लोग छठ करने पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 10 हजार श्रद्धालु यहां पूजा करते हैं. पोखर के किनारों पर बोल्डर पड़े रहने की स्थिति में घाट बनाने में परेशानी होगी. व्रतियों और उनके परिजनों को पानी तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि छठ पर्व के लिए अभी करीब तीन माह का समय है, लेकिन समय रहते व्यवस्था नहीं की गयी तो अंतिम समय में समस्या गंभीर हो सकती है.

75 करोड़ की योजना, कोर्ट के आदेश के बाद रुका काम

शहर के हराही, दिग्घी और गंगा सागर तालाबों के सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन के लिए करीब 75 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू किया गया था. करीब आठ माह पहले बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने काम शुरू कराया. योजना के तहत तालाबों में मिट्टी भराव, बोल्डर पिचिंग, गेवियन वॉल, आधुनिक घाट, किनारों का संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था और पार्क स्पेस विकसित करने का प्रस्ताव है.

तालाब के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव को लेकर तालाब बचाओ अभियान की ओर से मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. इसके बाद न्यायालय ने तालाब में मिट्टी भराव के काम पर रोक लगा दी. आदेश के बाद हराही समेत संबंधित तालाबों पर मिट्टीकरण का काम रोक दिया गया है.

बुडको के परियोजना निदेशक अभय पांडेय ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए फिलहाल मिट्टीकरण का काम बंद है. बोल्डर पिचिंग का काम अंतिम चरण में है. काम रुकने के कारण निर्धारित समय सीमा में योजना पूरी करना कठिन हो गया है.

अधिकारी बोले, छठ पर नहीं होगी परेशानी

वार्ड पार्षद मुकेश महासेठ ने कहा कि निर्माण कार्य रुकने से आम जनता और श्रद्धालुओं को परेशानी होगी. उन्होंने बताया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया है, लेकिन बुडको के वरीय अधिकारियों के बैठक में शामिल नहीं होने के कारण ठोस समाधान नहीं निकल सका.

मेयर अंजुम आरा ने कहा कि कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है और छठ के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी. नगर आयुक्त राकेश गुप्ता ने कहा कि जल्द ही बुडको के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा.


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