Darbhanga News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 6.63 करोड़ से अधिक रुपये का हुआ समझौता
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 14 Dec 2024 10:28 PM
Darbhanga News:राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5387 मामलों का निष्पादन पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर किया गया.
Darbhanga News: दरभंगा. दरभंगा व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 5387 मामलों का निष्पादन पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर किया गया. इसमें उत्पाद अधिनियम, बैंक, बीएसएनएल, बिजली, श्रम, क्लेम आदि मामलों में 6 करोड़ 63 लाख 52 हजार 225 रुपये का समझौता किया गया. लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के लिए कुल 13 बेंच का गठन किया गया था. प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश रंजन देव ने कहा कि लोक अदालत में परिवार अदालत से संबंधित वाद, दावा वाद, क्षतिपूर्ति, सम्मनीय वाद, विभिन्न प्रकार के बैंक, बीएसएनएल से संबंधित मामलों का निष्पादन पक्षकारों के आपसी सहमति के आधार पर किया गया. जिला जज विनोद कुमार तिवारी, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी एवं अन्य ने इससे पहले दीप जलाकर लोक अदालत का उद्घाटन किया.
लोक अदालत मामलों के निष्पादन के लिए एक अच्छी व्यवस्था- जिला जज
प्रधान जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है. यह एक पवित्र स्थान है. जो बेंच बने हैं, वे पंच परमेश्वर के रूप में काम करेंगे. कहा कि लोक अदालत मामलों के निष्पादन के लिए एक अच्छी व्यवस्था है. इसमें दोनो पक्षों की जीत होती है. दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बना रहता है.किसी भी पक्ष की हार नहीं होती- एसएसपी
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कहा कि लोक अदालत से निष्पादित मामलों में किसी भी पक्ष की हार नहीं होती है. इसके माध्यम से मामले निष्पादित होने से पक्षकारों के बीच का गिला शिकवा दूर हो जाता है. दरभंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद ने लोक अदालत से मिलने वाले लाभ से लोगों को अवगत कराया. एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र ने कहा कि अदालत में किसी भी मामले का निष्पादन होने से एक पक्ष की हार होती है और एक पक्ष की जीत होती है. परन्तु यहां दोनों पक्षों की जीत होती है. इसके निर्णय के खिलाफ कहीं भी अपील नही होती. इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश रंजन देव ने कहा कि लोग लोक अदालत का लाभ लें. लोक अदालत के माध्यम से विवाद का समाधान करने से समय की वचत होती है. कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता विष्णु कांत चौधरी एवं धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव रंजन देव ने किया.दावा वादों से संबंधित 30 मामलों का हुआ निबटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत कई मायने में यादगार रहा. विगत दस वर्षों से न्यायालय का चक्कर लगा रहे केवटी प्रखंड के कोयला स्थान बिखरौली निवासी विशेश्वर यादव की पत्नी शीला देवी सहित अन्य कई लोगों ने लोक अदालत में अपने- अपने दावा वादों को निष्पादन कराकर खुशी-खुशी घर वापस लौटे. गठित बेंच के अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने बताया कि विखरौली निवासी विशेश्वर यादव की पत्नी शीला देवी अपने पुत्र विजय कुमार की दुर्घटना में हुए मृत्यु पर कंपनी के विरुद्ध वर्ष 2015 में दावा वाद दायर किया था, जो न्यायालय में चल रहा था. पीठासीन पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद एवं अधिवक्ता प्रदीप कुमार के प्रयास से मृतक के परिजन को आठ लाख रुपया मुआवजा दिलाकर मामला समाप्त कराया गया. आजमनगर निवासी रंजना कुमारी के पुत्र विपिन कुमार झा की मृत्यु दुर्घटना में वर्ष 2018 में हो गई थी. रंजना कुमारी द्वारा न्यायालय में दावा वाद दायर किया गया था. मामला को 20 लाख पचास हजार रुपया पर समझौता कराया गया. लोक अदालत में दावा वादों से संबंधित कुल 30 मामलों का निष्पादन पक्षकारों की आपसी सहमति से की गयी.
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