लालू के दूरभाष को लेकर पत्राचार कर फंस गये सीएस

Published at :12 Jan 2016 9:04 PM (IST)
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लालू के  दूरभाष को लेकर पत्राचार कर  फंस गये सीएस

लालू के दूरभाष को लेकर पत्राचार कर फंस गये सीएस डीएमसीएच में ममता को सेवा बहाल करने का स्वास्थ्य विभाग में भूचालदरभंगा. राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दूरभाष को लेकर पत्राचार कर सीएस डा. श्रीराम सिंह फंस गये हैं. यह मामला स्वास्थ्य विभाग मेें भूचाल ला दिया है. इधर सीएस की ओर […]

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लालू के दूरभाष को लेकर पत्राचार कर फंस गये सीएस डीएमसीएच में ममता को सेवा बहाल करने का स्वास्थ्य विभाग में भूचालदरभंगा. राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के दूरभाष को लेकर पत्राचार कर सीएस डा. श्रीराम सिंह फंस गये हैं. यह मामला स्वास्थ्य विभाग मेें भूचाल ला दिया है. इधर सीएस की ओर से दिये गये पत्र में ममता को पुन: बहाल करने को लेकर डीएमसीएच के अधीक्षक डा. एसके मिश्रा ने अपना पल्लू झाड़ लिया है. अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि ममता कार्यकर्त्ता का बहाल करना और हटाना सीएस के जिम्मे है. दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सीएस के इस पत्र को तलब किया है. डीएमसीएच प्रशासन ने मंगलवार को सीएस का पत्र स्वास्थ्य विभाग के डाइरेक्टर इन चीफ को उपलब्ध करा दिया है. पत्र में क्या हैसीएस ने 11 जनवरी को अस्पताल अधीक्षक को पत्र दिया. जिसमें लालू प्रसाद यादव के दूरभाष का हवाला देते हुए कहाकि ममता कार्यकर्त्ताओं को डीएमसीएच से क्यों वंचित किया गया है. कार्यरत ममता से कार्य नहीं लेना इस योजना से मरीजों को वंचित रखना सरकार की लाभकारी योजना में बाधा डालना है. इस संबंध मे अस्पताल अधीक्षक से इस मामले को अवगत कराने को कहा गया है. ताकि अनुपालन प्रतिवेदन से लालू प्रसाद यादव को अवगत कराया जा सके. क्या है मामलास्वास्थ्य विभाग के मौखिक आदेश पर तत्कालीन सीएस ने डीएमसीएच के गायनिक वार्ड में मानदेय पर कार्यरत ममता को सेवा मुक्त कर दिया था. सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद यससादव से सेवामुक्त ममता कार्यकर्त्ताओं ने गुहार लगायी. इस पर राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीएस से इस मामले पर चर्चा की. सीएस ने इस मामले को विभागीय पत्र जारी कर दिया. मानदेय पर ममताजिला स्वास्थ्य समिति ने सत्र 2007-08 में मानदेय पर ममता कार्यकर्त्ताओं का रखा था. इसमेंे एक नवजात शिशु के रखरखाव पर 75 रुपये दिया जाना था. इसी के हिसाब से सभी ममता को मानदेय का भुगतान होता था. सेवामुक्ततत्कालीन स्वास्थ्य के प्रधान सचिव के मौखिक आदेश पर सीएस ने 2013 में सभी 24 ममता कार्यकर्त्तांओं को सेवा से मुक्तकर दिया था. इसको लेकर डीएमसीएच से सीएस कार्यालय तक कई चरणों में आंदोलन हुआ. स्वास्थ्य विभाग तक मामला पहुंचा. लेकिन यह मामला जस का तस बना रहा. क्या था मानकस्वास्थ्य विभाग ने 8 साल पूर्व पीएचसी अनुमंडल और सदर अस्पतालों में रविदास जाति के लोगों काके ममता में बहाल करने का आदेश निर्गत हुआ था. तत्कालीन डीएमसीएच प्रशासन के आग्रह पर कुछ सालों के लिए ममता कार्यकर्त्ताओं को मानदेय पर रखा गया था. सीएस डा. सिंह ने इस मामले पर कुछ भी बताने से इंकार किया है. अस्पताल अधीक्षक डा. मिश्रा का कहना है कि डीएमसीएच में ममता को सीएस के आदेश पर रखा गया और सीएस के आदेश पर ही उसे सेवा से मुक्त किया गया था. इसमें डीएमसीएच की कोई भूमिका नहीं है.

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