गेहूं की विलंब वेरायटी के लिए मौसम अनुकूल

Updated at :12 Dec 2015 6:53 PM
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गेहूं की विलंब वेरायटी के लिए मौसम अनुकूल

गेहूं की विलंब वेरायटी के लिए मौसम अनुकूल रोप की गयी आलू की करें निकौनी दरभंगा. किसानों के लिये जारी समसामयिक सुझाव में राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि विलंब से बोयी जाने वाली गेहूं की किस्मों की बुआई के लिए मौसम अनुकूल हो गया है. विलंब से बुआई के लिए […]

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गेहूं की विलंब वेरायटी के लिए मौसम अनुकूल रोप की गयी आलू की करें निकौनी दरभंगा. किसानों के लिये जारी समसामयिक सुझाव में राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि विलंब से बोयी जाने वाली गेहूं की किस्मों की बुआई के लिए मौसम अनुकूल हो गया है. विलंब से बुआई के लिए पीबीडब्लू 373, एचडी 2285, एचडी 2967, एचडी 2643, एचयूडब्लू 234, डब्लूआर 544, डीबीडब्लू 14, एन डब्लू 2036 तथा एच डब्लू 2045 किस्में अनुशंसित हैं. बुआई के पूर्व 40 किलोग्राम नेत्रजन, 40 किलोग्राम फॉस्फोरस एवं 20 किलोग्राम पोटास प्रति हेक्टेयर डालें. बीज को बुआई से पहले 2़5 ग्राम बेबीस्टीन सेे प्रति किलो ग्राम बीज को उपचारित करें. छिटकबां विधि से बुआई के लिए प्रति हेक्टेयर 150 किलो ग्राम तथा सीड ड्रील से पंक्ति में बुआई के लिए 125 किलो ग्राम बीज का व्यवहार करें. सिंचित एवं समयकालीन गेहूं की बुआई यथाशीघ्र सम्पन्न करें. गेहुं की फसल 20-25 दिनों की हो गयी हो, में पहली सिंचाई अवश्य करें. सिंचाई के 1-2 दिनों बाद नेत्रजन उर्वरक की मात्रा डालें. गत माह रोप की गयी आलू की फसल में निकौनी करें. निकौनी के बाद नेत्रजन उर्वरक का उपरिवेशन कर आलू में मिट्टी चढ़ा दें साथ ही आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें. अगात झुलसा रोग से बचाव हेतु 2़0 से 2़5 ग्राम इन्डोफिल एम. 45, फफूंद नाशक दवा का प्रति लीटर पानी मे घोल कर छिड़काव करें. बरसीम और लूसर्न की कटाई 25-30 दिनों के अन्तर पर करेंं. प्रत्येक कटनी के बाद सिंचाई (अधिक से अधिक 5 सेमी) करें. सिंचाई के बाद खेतों में 10 किलो ग्राम प्रति हेक्टर की दर से नेत्रजन दें. इस मौसम में मिली बग कीट मिट्टी से निकल कर आम के तनों पर चढ़कर पौधें को नुकसान करते हैं. इससे बचाव हेतु मिट्टी से 5 मीटर ऊंचाई पर आम व कटहल के तने के चारों तरफ पॉलीथीन सीट लपटें.पॉलीथीन शीट के ऊपर ग्रीस का लेप चढ़ावें, ताकि मिनी वग कीट ऊपर चढ़ न सकें और ग्रीस में चिपक कर मर जाये. तने के आस-पास की मिट्टी की खुदाई करें जिससे उनके अंडे नष्ट हो जाए. बगीचे मे सिंचाई करें. बैगन की फसल को तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए ग्रसित तना एवं फलों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें. यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड 48 इसी/ 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें. मशरूम की वृद्वि पर गिरते तापमान का कुप्रभाव पड़ सकता है. उत्पादन गृह में तापक्रम 25़ 28 बनाये रखें.

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