मौसम के अनुकूल होना चाहिए फसल चक्र: नीतीश

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दरभंगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्त्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है. इस दिशा में काम शुरू कर दिया है. गुरुवार को बेनीपुर प्रखंड के तरौनी पंचायत के मुर्तुजापुर गांव में जल-जीवन-हरियाली जागरूकता सम्मेलन में सीएम ने कहा कि हम कृषि रोड मैप पर पहले से ही काम कर रहे हैं.

सीएम ने कहा कि मौसम में बदलाव आ गया है. इसलिए जलवायुमें आये परिवर्त्तन के हिसाब से फसल चक्र होना चाहिए. इसके लिए आठ जिलों में प्रयोग के तौर पर काम शुरू कर रहे हैं. इसमें चार संस्थान को लगाया गया है. समस्तीपुर के पूसा स्थित मौर्या इंस्टीच्यूट ऑफ साउथ एशिया के अंग, राजेंद्र कृषि केंद्रीय विवि पूसा, बिहार विवि समौर तथा आइसीआर के क्षेत्रीय केंद्र पटना ने इस पर काम आरंभ कर दिया है. ऐसा चक्र बनाना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पंजाब-हरियाणा में फसल अवशेष जलाये जाते थे. पता नहीं कैसे यह वहां से निकलकर प्रदेश तक पहुंच गया. यह पर्यावरण के लिए खतरनाक है.

जलवायु प्रदूषण के साथ ही यह खेत की उर्वरता भी खत्म कर देता है. फसल अवशेष को जलाने की सलाह देनेवाले पर्यावरण के दुश्मन हैं. इसे जलाएं नहीं, इसका उपयोग पशु चारा में करें. इसमें सरकार भी मदद कर रही है. इससे संबंधित चार तरह के कृषि यंत्रों पर अनुदान का दिया जा रहा है. सामान्य कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, वहीं अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 80 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था की है.

सीएम ने प्रेम, भाईचारा व सभी के प्रति सम्मान भाव रखने की अपील करते हुए कहा कि इसीसे प्रगति होगी. कहा, आप साथ दें, अभियान चलता रहेगा. जब तक आप सभी चाहेंगे, आपकी सेवा करते रहेंगे.

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