Darbhanga News: पांच जिलों के 10 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित, वर्ग कक्ष महज 10

Edited by PRABHAT KUMAR
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Darbhanga News:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई महाकवि कालिदास सूर्यदेव महाविद्यालय त्रिमुहान चंदौना उपेक्षा का शिकार है.

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Darbhanga News: जाले. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई महाकवि कालिदास सूर्यदेव महाविद्यालय त्रिमुहान चंदौना उपेक्षा का शिकार है. यहां की हालात बद से बदतर हो गयी है. यहां पांच जिलों के लगभग 10 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. महाविद्यालय में शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों का घोर अभाव है. यहां प्रधानाचार्य सहित विभिन्न विषयों में 40 शिक्षकाें के पद सृजित हैं. इसमें 12 शिक्षक रेगुलर व नौ अतिथि शिक्षक हैं. गणित व वनस्पति विज्ञान में शिक्षकों की संख्या शून्य है. छात्रों के अनुसार इन दोनों विषय में यहां प्रतिष्ठा तक की पढ़ाई होती है. मालूम हो कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार परीक्षा फार्म भरने के लिए छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है, परंतु जिन विषयों में शिक्षक नहीं हैं, उनके नामांकित छात्र महाविद्यालय आकर क्या करेंगे. उनकी 75 प्रतिशत हाजिरी कौन और किस आधार पर बनाएगा. इस कॉलेज में तृतीय वर्गीय कर्मचारियों के 34 पद सृजित होने के बावजूद मात्र छह कार्यरत हैं. वहीं 33 चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की जगह मात्र तीन कार्यरत हैं. राज्य सरकार के निर्देश पर छात्र-छात्राओं की सुविधा को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा 12 शिक्षकेतर कर्मचारियों में चार डाटा ऑपरेटर व आठ चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की बहाली की गयी थी, परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेशानुसार गत 31 मार्च से सभी को हटा दिया गया. बता दें कि गत 22-23 अप्रैल को इस महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ था. सेमिनार के मुख्य अतिथि के रुप में लनामिवि कुलपति व प्रदेश सरकार के नगर विकास व आवास मंत्री सह स्थानीय विधायक जीवेश कुमार आमंत्रित थे. मंत्री तो पहुंचे, परंतु कुलपति महोदय शरीक नहीं हो सके. सेमिनार में उपस्थित स्थानीय लोगों ने मंत्री से इस महाविद्यालय में दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर व शिवहर जिले के लगभग 10 हजार छात्र-छात्राओं के पढ़ने की बात कहते हुए बताया कि यहां वर्ग कक्ष के छप में मात्र 10 कमरे हैं. इसपर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने भवन निर्माण का आश्वासन दिया. वहीं महाविद्यालय में मास्टर डिग्री, बीसीए व बीबीए की पढ़ाई शुरू कराने की मांग पर मंत्री ने अपने अधीन नहीं होने की बात कहते हुए इसके लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. रवीन्द्र नाथ तिवारी ने बताया कि महाविद्यालय की सभी जानकारी लगभग दो माह पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन को दी जा चुकी है.

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