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सीएम क्षेत्र विकास योजना की राशि से हो श्मशान व मंदिरों की घेराबंदी, विधायकों की मांग, सदन में हंगामा

मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास की राशि से विधायकों को सिर्फ कब्रिस्तानों की घेराबंदी करने की नहीं बल्कि मंदिरों की घेराबंदी और श्मशानों की घेराबंदी कराने का अधिकार दिया जाये.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
बिहार विधानसभा अध्यक्ष
बिहार विधानसभा अध्यक्ष
फाइल

पटना. राज्य के मंदिर, श्मशान और कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराने में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि खर्च करने पर सरकार चलते सत्र में जवाब देगी. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन में सदस्यों की मांग के बाद सरकार को निर्देश दिया वह चलते सत्र में इस मुद्दे पर सदन को अवगत कराये.

मामला नरकटिया के विधायक शमीम अहमद ने सरकार से पूछा था. उन्होंने प्रश्न किया कि जिला की प्राथमिकता सूची में अगर किसी कब्रिस्तान को शामिल नहीं किया गया है तो क्या सरकार मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास की निधि से कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराने का विचार रखी है. इसके जवाब में ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सरकार ऐसा कोई विचार नहीं रखती.

विधायक शमीम अहमद के प्रश्न के बाद भाजपा व राजद के के विधायकों ने पूरक प्रश्नों की झड़ी लगा दी. भाजपा के हरिभूषण ठाकुर बचोल, नीतीश मिश्रा, जनक सिंह, अरुण शंकर प्रसाद सहित अन्य विधायकों ने मांग की कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास की राशि से विधायकों को सिर्फ कब्रिस्तानों की घेराबंदी करने की नहीं बल्कि मंदिरों की घेराबंदी और श्मशानों की घेराबंदी कराने का अधिकार दिया जाये.

राजद के ललित यादव सहित अन्य सदस्यों की भी मांग थी कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विधायकों को इस प्रकार के कार्य कराने की अनुमति दी जानी चाहिए. इधर ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का कहना था कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी जिले में डीएम व एसपी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा संवेदनशीलता के आधार पर प्राथमिकता सूची तैयार की जाती है.

इस प्राथमिकता सूची के आधार पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी करायी जाती है. उन्होंने बताया कि श्मशानों को लेकर यह भी देखा जाता है कि कई लोग अपनी ही जमीन पर अंतिम संस्कार करते हैं. उन्होंने खुद का उदाहरण देकर बताया कि उनके परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार किसी श्मशान में न कराकर अपनी निजी जमीन पर बने तालाब के किनारे किया जाता है.

अगर सदस्य इसे लिख कर दे तो सरकार इसे देखेगी. सरकार और सदस्यों को सुनने के बाद आसन की ओर से कहा गया कि सरकार मंदिर, श्मशान और कब्रिस्तान की घेराबंदी के संबंध में चलते सत्र में जवाब देगी.

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