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गोपालगंज पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, कहीं महिला तो कहीं चाचा-भतीजा पर क्रूर एक्शन का लगा आरोप..

Updated at : 13 Jun 2024 3:32 PM (IST)
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बिहार के गोपालगंज पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. दो ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए हैं.

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Bihar News: गोपालगंज पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं. दो अलग-अलग मामले सुर्खियों में हैं जिसमें पुलिस कार्रवाई को क्रूर बताया जा रहा है. पहला मामला जिले की महम्मदपुर पुलिस से जुड़ा है जिसमें पुलिस ने एक आरोपित की गिरफ्तारी के लिए आधी रात को छापेमारी की और आरोपित को बुरी तरह पीटा. वजह पूछने के दौरान महिला को पुलिस ने पीटा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद जिला के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लिया. एसपी ने तत्काल पूरे मामले की जांच एसडीपीओ सदर-2 अभय रंजन को सौंप दिया. साथ ही छापेमारी करने गये दारोगा अनिल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया.

एसपी ने सख्त कार्रवाई की कही बात

गोपालगंज पुलिस इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर रही है. बताया गया कि जांच में दोषी पाये जाने पर विभागीय कार्रवाई भी की जायेगी. पुलिस कप्तान ने इसकी पुष्टी करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में गलत करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

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घर की महिलाओं को भी पीटते दिख रही पुलिस, एसपी ने की कार्रवाई

बता दें कि बीते 11 जून की रात में महम्मदपुर के अनिल शर्मा के घर में आधी रात को पुलिस 107 का वारंट लेकर उसे गिरफ्तार करने पहुंच गयी. जहां से अनिल शर्मा को अपराधी की तरह गिरफ्तार करके पुलिस अपने साथ थाने लाने लगी. वजह पूछने पर उसके घर की महिलाओं को भी पीटा गया. इसका वीडियो परिजनों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो जब एसपी के सामने आया तो एसपी ने तत्काल कार्रवाई की है. हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टी प्रभात खबर नहीं करता है.

थानेदार ने चाचा-भतीजा को थाना में उल्टा टांग कर पीटा, कोर्ट पहुंचा मामला

एक अन्य मामले में जिले के भोरे थाना के थानेदार ने चाचा-भतीजा को उठाकर थाना के हाजत में उल्टा टांग कर बेरहमी से पीटा. जिससे उनके आंख व कमर व पैरों में गंभीर चोटें आयी हैं. पीड़ित ने इलाज कराने के बाद गुरुवार को प्रभारी सीजेएम शैलेंद्र कुमार राय की कोर्ट में शिकायत दाखिल किया है. भोरे थाना क्षेत्र के रेरवरिया तिवारी गांव के हरि प्रसाद (55 वर्ष) ने भोरे के थानेदार अनिल कुमार, दारोगा शिव शंकर प्रसाद, पंचायत के मुखिया उमेश बैठा, समेत सात लोगों को अभियुक्त बनाते हुए आरोप लगाया है कि हरि भगत के भाई जगरनाथ प्रसाद की शादी 35 वर्ष पूर्व रीता देवी से हुई थी. शादी के बाद रीता उनको छोड़कर भाग गयी और उत्तराखंड के उधम नगर में खडगपुर देवापुरा वैशाली में रघुवीर सिंह से शादी रचा ली. उस पति से उसे एक बेटा व तीन बेटी है. अब 35 वर्षों के बाद रीता देवी अपने बच्चों के साथ पहुंची और जगरनाथ प्रसाद की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए जाल-फरेब करने लगी.

थानेदार ने आरोप को किया खारिज

आरोप लगाया गया है कि मुखिया के सहयोग से थाना को मैनेज किया गया. सात जून को हरि प्रसाद व उनके भतीजा संतोष प्रसाद को पुलिस पकड़ कर थाना लायी और उल्टा टांग कर उन्हें पीटा. पुलिस उनसे दो लाख रुपये की मांग करने लगी. पुलिस कबूलवाना चाहती थी कि रीता देवी व उसके बच्चे जगरनाथ प्रसाद के ही हैं. जब इंकार किया तो पीटने के बाद धमकी दिया कि मूंह खोला तो बर्बाद कर देंगे. उधर, भोरे के थानेदार ने कहा कि आरोप पूरी तरह से झूठा है. हमें तो कोई जानकारी ही नहीं है.

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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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