Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी पर सीएम नीतीश सख्त, बोले- शराबबंदी लागू रहेगी, कोई ढिलाई नहीं होगी अपराधी कोई भी हो, बचेंगे नहीं

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Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी (Bihar me Sharab Bandi) कानून को लेकर बीते कुछ दिनों से सियासत जारी है. विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे हमले के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शराबबंदी कानून को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू रहेगी और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं मिलने वाली है.

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Liquor Ban in Bihar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते हैं. लेकिन, हर हाल में बिहार में कानून का राज कायम रहेगा. शराबबंदी कानून से किसी तरह का कोई समझौता नहीं करने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है, बल्कि यह लोगों के हित में है.

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शुक्रवार को बिहार सैन्य पुलिस-5 परिसर स्थित मिथिलेश स्टेडियम में बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शराब मामले में अब बड़ी कार्रवाई हो रही है. शराबबंदी में स्वान और उड़न दस्ते की भी मदद ली जायेगी. धंधेबाजों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. किसी के प्रति कोई समझौता नहीं होगा. अपराधी कोई भी हो, बचेंगे नहीं. शराबबंदी लागू रहेगी, कोई ढिलाई नहीं होगी.

सीएम ने कहा, थाने में दायर मामलों की जांच में तेजी लाने की कोशिश हो रही है. हर जिले में चलंत (मोबाइल) विधि विज्ञान इकाई बनायी जायेगी. उन्होेंने कहा कि हमलोगों की अपेक्षा है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाये. अपराध की ससमय जांच हो और अपराधियों को दंड दिलाया जा सके. सीएम ने कहा कि जिले में एसपी को भी सप्ताह में तीन से चार दिन घूमना चाहिए. इससे पुलिस की कार्यसंस्कृति में और सुधार होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम 1958 में पहली बार हुआ था. इसके बाद 1981 में और फिर 2007 से हर साल 22 से 27 फरवरी के बीच इसका आयोजन किया जाता है. उन्होेंने कहा कि जानकारी मिली कि वेबकास्टिंग के माध्यम से 10 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षा देने के साथ-साथ समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है. हमलोगों ने पुलिस की सुविधाओं और उनकी जरुरतों को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाये हैं.

पिछले 15 वर्षों में 50 हजार से अधिक नियुक्तियां पुलिस में की गयी हैं. 10 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. अगर पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की और आवश्यकता होगी, तो उसे भी पूरा किया जायेगा. उन्होंने कहा कि महिला बटालियन का गठन किया गया. एससी-एसटी की महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया है. हर जिले में महिला थाना की स्थापना की गयी है. पुलिस बल में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया गया है. पुलिस बल में महिलाओं की संख्या अब 23% हो गयी है और अगले तीन से चार सालाें में 30 से 35% पहुंच जायेगी. यह शायद ही किसी राज्य में इतनी संख्या में महिला पुलिस बल में होंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ–साथ सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए भी हमलोग लगातार काम कर रहे हैं. नियुक्ति और ट्रेनिंग पर सरकार का विशेष ध्यान है. राजगीर में बेहतर पुलिस एकेडमी का निर्माण कराया गया है. पुलिस भवन और थानों की स्थिति में सुधार किया गया है.

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Posted By: Utpal Kant

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