Chhath Puja: छठ पर खतरनाक घाटों की सूची जारी, पांच घाटों पर नहीं होगी पूजा — प्रशासन ने शुरू की वैकल्पिक तैयारी

Updated at : 23 Oct 2025 8:18 AM (IST)
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Chhath Puja: गंगा का बढ़ता जलस्तर और घाटों की बदलती स्थिति ने इस बार पटना प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए छह घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है, जबकि पांच घाटों पर छठव्रती अर्घ्य नहीं दे सकेंगे. ऐसे में प्रशासन घाटों की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था में जुट गया है.

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Chhath Puja: लोक आस्था का पर्व छठ अब बस कुछ ही दिनों दूर है. गंगा किनारे से लेकर शहर के तालाबों और पार्कों तक, तैयारियों का दौर तेज है. मगर इसी बीच गंगा का जलस्तर और घाटों की भौगोलिक स्थिति ने जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है. जिला प्रशासन ने पटना शहरी क्षेत्र में कुल छह घाटों को खतरनाक और पांच घाटों को अनुपयुक्त घोषित किया है. इसके साथ ही प्रशासन ने वैकल्पिक घाटों और तालाबों पर नई सुविधाएं विकसित करनी शुरू कर दी हैं, ताकि व्रतियों को किसी तरह की असुविधा न हो.

छह घाट खतरनाक घोषित, पांच पर नहीं होगी पूजा

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि कंटाही घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, बुद्धा घाट और नया पंचमुखी चौराहा घाट को खतरनाक चिह्नित किया गया है. इन घाटों पर जलस्तर अधिक है और कटाव का खतरा बना हुआ है. प्रशासन ने इन इलाकों में पूजा पर रोक लगाई है.

वहीं टीएन बनर्जी घाट, मिश्री घाट, जजेज घाट, अदालत घाट और गुलबी घाट पर पानी की गहराई कम और दलदली स्थिति अधिक होने के कारण इस बार छठ पूजा नहीं होगी. इन घाटों को ‘अनुपयुक्त’ घोषित किया गया है.

एलसीटी घाट पर वैकल्पिक तालाब बनेगा पूजा स्थल

एलसीटी घाट पर नदी का तेज कटाव और गहराई को देखते हुए प्रशासन ने यहां तालाब निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है. जल संसाधन विभाग घाट की भौगोलिक स्थिति का आकलन कर रहा है, ताकि छठव्रतियों के लिए सुरक्षित जगह तैयार की जा सके. इसके अलावा कलेक्ट्रेट घाट और महेंद्र घाट तक जाने वाले रास्तों में पानी भर जाने से प्रशासन वहां एप्रोच रोड बना रहा है.

दीघा क्षेत्र के घाटों पर जोरों पर तैयारी

दीघा के शिवा घाट, पाटीपुल घाट और मीनार घाट लगभग तैयार हो चुके हैं. साथ ही घाट नंबर 93, 88 और 83 को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. इन घाटों पर राजधानी के बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए प्रशासन ने यहां बेहतर पार्किंग, शेड और लाइटिंग की व्यवस्था की है.

साथ ही, कंट्रोल रूम, चेंजिंग रूम और निगरानी के लिए टावर बनाए जा रहे हैं. दीघा इलाके से घाटों तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमणमुक्त कर दिया गया है. गंगा पथ किनारे बनी झोपड़ियों और अस्थायी दुकानों को हटा दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके.

बांस घाट पर कटाव, प्रशासन बिछा रहा मिट्टी और बालू बैग

बांस घाट की स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण है. गांधी मैदान की ओर से आने वाले जेपी गंगा पथ के नीचे से एप्रोच रोड तो तैयार हो गया है, लेकिन बालू की अधिकता के कारण वाहन घाट तक नहीं पहुंच पा रहे. अब यहां मिट्टी बिछाने और बालू से भरे बैग डालने का कार्य किया जा रहा है ताकि घाट तक सुरक्षित पहुंच बन सके.

गंगा घाटों के अलावा शहर के कई तालाबों में भी छठ की तैयारी जोरों पर है. मीठापुर कृषि भवन परिसर के तालाब का पानी बदला जा रहा है और सफाई का काम पूरा होने की कगार पर है. भूपतिपुर तालाब में सड़क निर्माण के बाद अब केवल एक भाग ही बचा है, वहीं मानिकचंद तालाब का पानी सुखाकर उसमें बालू भरकर अस्थायी घाट बनाया जा रहा है.

छठव्रतियों को मिलेंगे तीन नए पक्के घाट

नमामि गंगे परियोजना के तहत बुडको द्वारा इस वर्ष तीन नए पक्के घाट — भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट — तैयार किए गए हैं. इन घाटों में शौचालय, चेंजिंग रूम, हाईमास्ट लाइट और प्रोमिनेड जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं. विशेष रूप से भद्र घाट पर 100 मीटर लंबा सुसज्जित घाट बनाया गया है, जहां एक साथ सैकड़ों श्रद्धालु अर्घ्य दे सकेंगे.

बुडको एमडी और प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने सफाई, लाइटिंग और बैरिकेडिंग का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है.

पार्कों में भी गूंजेगा छठ गीत

इस बार शहर के 35 से ज्यादा पार्कों में भी छठ पूजा का आयोजन होगा. पार्क प्रमंडल ने साफ-सफाई, लाइटिंग और ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव शुरू कर दिया है. शिवाजी पार्क, बी हाउसिंग पार्क, डिफेंस कॉलोनी पार्क, जीवक हार्ट पार्क, कुणाल पार्क, पुनाईचक पार्क, बैंक ऑफ इंडिया पार्क और एजी कॉलोनी पार्क में छठ की तैयारियां जोरों पर हैं.

पटना जू की झील में भी छठ पूजा का आयोजन होगा. नगर निगम ने यहां की सफाई, चेंजिंग रूम और लाइटिंग की जिम्मेदारी ली है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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