डॉक्टर को बुला दो, नहीं तो मर जायेगी अम्मी

Published at :04 May 2017 5:13 AM (IST)
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डॉक्टर को बुला दो, नहीं तो मर जायेगी अम्मी

बेतिया : एमजेके सदर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कलीजन खातून की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा यूं ही नहीं था. कलीजन खातून का तबियत बिगड़ता देख परिजन लगातार वार्ड में कार्यरत कर्मियों ने डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगा रहे थे. वह कभी दबाव बनाते, कभी उलझ पड़ते तो कभी गिड़गिड़ाते. दुहाई भी […]

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बेतिया : एमजेके सदर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कलीजन खातून की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा यूं ही नहीं था. कलीजन खातून का तबियत बिगड़ता देख परिजन लगातार वार्ड में कार्यरत कर्मियों ने डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगा रहे थे. वह कभी दबाव बनाते, कभी उलझ पड़ते तो कभी गिड़गिड़ाते. दुहाई भी दे रहे थे प्लीज डॉक्टर को बुला दो,

नहीं तो मेरी अम्मी मर जायेगी. लेकिन, कर्मी इतने व्यस्त थे कि वह परिजनों की सभी बातें अनसूना करते रहे. नतीजा डॉक्टर नहीं पहुंचे और जब कलीजन की मौत हुई तो सभी का गुस्सा भड़क गया.

एमजेके हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही को लेकर हंगामा व तोड़फोड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है. आये दिन हॉस्पिटल में डॉक्टर व कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा होता रहता है. दस दिन पहले ही कैदी जितेंद्र गिरी की मौत पर भी हॉस्पिटल में हंगामा किया गया था. लेकिन, इसके बावजूद हॉस्पिटल में व्यवस्था का सुधार नहीं हो पा रहा है. कहने के लिए इमरजेंसी में तीन डॉक्टरों के ड्यूटी का सरकारी नियम है, लेकिन यहां कभी एक तो कभी दो और कभी एक भी डॉक्टर नहीं रहते हैं. खासकर रात के समय इमरजेंसी की जिम्मेवारी या तो बिचौलिये के हाथ होती है या फिर नर्स ही पूरा हॉस्पिटल संभालती है.
डॉक्टर बुलाने के बाद भी नहीं आते हैं. नतीजा हंगामे की नौबत आ जाती है. जब भी ऐसा मामला आता है तो जवाबदेह अधिकारी व्यवस्था सुधारने के दावे करते है, लेकिन यह दावे आज तक दावे ही रह गये हैं.
लिहाजा हॉस्पिटल में दुर्व्यवस्था की भेंट मरीजों को चढ़ना पड़ रहा है. अस्पताल सूत्रों की माने को जनवरी से अबतक करीब दर्जनभर के अधिक तोड़फोड़ के मामले सामने आये हैं. जिसमें तत्कालिक रूप में संलिप्त कर्मी व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है. अब एक बार कलीजन की मौत के बाद अधीक्षक ने दोषी कर्मी व डॉक्टर के कार्रवाई की बात कही है.
दर्द
एमजेके अस्पताल में भरती कलीजन खातून की तबीयत बिगड़ती देख डॉक्टर को बुलाने की गुहार
लगाते रहे परिजन
परिजनों की बातों को अनसुना करते रहे कर्मचारी, डॉक्टर भी नहीं आये हाल देखने
आये दिन हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही को लेकर होता है हंगामा, नहीं बदल रही व्यवस्था
एक पखवारे पहले ही कैदी की मौत पर हॉस्पिटल में हुआ था हंगामा
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