फर्राटा भर रही ''झाझा मेल'' व ''जुगाड़ गाड़ी''

Published at :05 Mar 2017 1:51 AM (IST)
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फर्राटा भर रही ''झाझा मेल'' व ''जुगाड़ गाड़ी''

मनमानी . पुलिस व विभाग एक-दूजे पर कर रहे कार्रवाई की बात बेतिया : यूं तो मालवाहक गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन व उसका टैक्स चुकाने में गाड़ी मालिकों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन माल ढुलाई के प्रयोग में आनेवाली एक गाड़ी ऐसी भी है, जो रजिस्ट्रेशन व टैक्स चुकाये बिना ही सड़कों पर बेखौफ फर्राटा […]

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मनमानी . पुलिस व विभाग एक-दूजे पर कर रहे कार्रवाई की बात

बेतिया : यूं तो मालवाहक गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन व उसका टैक्स चुकाने में गाड़ी मालिकों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन माल ढुलाई के प्रयोग में आनेवाली एक गाड़ी ऐसी भी है, जो रजिस्ट्रेशन व टैक्स चुकाये बिना ही सड़कों पर बेखौफ फर्राटा भर रही है. लाखों रुपये के सामान इधर-उधर पहुंचा रही है. देहात छोड़िये, जिला मुख्यालय में ही यह गाड़ी सड़कों पर दौड़ रही है. वह भी पुलिस थाना, कलेक्ट्रेट, एसपी दफ्तर के सामने से होकर गुजरती है. लेकिन, यह उनके जांच के दायरे में नहीं आना प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठा रहा है.
खास यह है कि इन गाड़ियों को झाझा मेल व जुगाड़ गाड़ी के नाम से जाना जाता है. इस गाड़ी में एक पंप सेट इंजन और टायर आदि लगा कर स्टेयरिंग लगा दिया गया है. सवारी गाड़ी ही नहीं ढुलाई के लिए भी धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है. इसमें उर्वरक, किराना के सामान, टेंट हाउस के सामान, हार्डवेयर के सामान, टाइल्स इत्यादि सामानों की ढुलाई किया जा रहा है. चूंकि यह लोकल मेड गाड़ी हैं,
लिहाजा इसके ना ही कागजात होते हैं ना ही गाड़ी पर नंबर है. हालांकि मालवाहक गाड़ी के रूप में प्रयोग लाये जाने के चलते सरकार को राजस्व का चुना लग रहा है. जांच की बात तो यह है कि अभी तक गाड़ियां लोकल तौर पर कुछ लोग बनाते थे, लेकिन अब बकायदा इसका कारखाना खुल गया है. जहां से इन गाड़ियों को तैयार कर बेचा जा रहा है. इसके बाद इसका प्रयोग सवारी गाड़ी और ढुलाइ में किया जा रहा है.
बेतिया शहर में हैं 40 से 50 जुगाड़ गाड़ियां
झाझा मेल व जुगाड़ तकनीक की यह गाड़ी की इन दिनों शहर में काफी तादाद में दिख रही है. मीना बाजार, छोटा रमना में जहां पूरे दिन झाझा मेल सामानों की ढुलाई में लगे रहते हैं. वहीं छोटे जुगाड़ वाली गाड़ी ने ठेला का धंधा चौपट कर रखा है. परिवहन सूत्रों के मुताबिक, बेतिया शहर में अकेले करीब 40 से 50 की संख्या में यह गाड़ी चल रही हैं.
पुलिस करे जब्त, परिवहन का मामला नहीं: डीटीओ
झाझा मेल व जुगाड़ की इन गाड़ियों पर किसी तरह के जुर्माने का कोइ भी प्रावधान मोटर-वाहन अधिनियम में नहीं है. पूरे बिहार में यह गाड़ियां चल रही है. सरकार को इसपर निर्णय लेना चाहिए. हालांकि इन गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से गैर कानूनी है. पुलिस को इन गाड़ियों को जब्त करनी चाहिए. पुलिस इसपर कार्रवाई करे.
निरोज भगत, जिला परिवहन पदाधिकारी
परिवहन नियमों का उल्लंघन, पुलिस क्या करे: एएसपी
प्रथम दृष्टया तो यह मामला पूरी तरह से परिवहन विभाग के नियमों के उल्लंघन का है. पुलिस यदि इन्हें जब्त करेगी तो परिवहन विभाग को ही हैंडओवर करेगी. सड़क पर बिना रजिस्ट्रेशन व नंबर की गाड़ियां दौड़ना मोटर अधिनियम का उल्लंघन कैसे नहीं हो सकता है. इस बारे में डीटीओ से बात की जायेगी. परिचालन पर रोक लगाया जायेगा.
राजेश कुमार, एएसपी अभियान
बिना नंबर, रजिस्ट्रेशन, परमिट व टैक्स के दौड़ रही हैं गाड़ियां, माल ढोने व सवारी गाड़ी में लाया जा रहा प्रयोग
बना लिया कारखाना, गाड़ी तैयार कर रोज कर रहे सप्लाइ
इसमें लाया जाता है प्रयोग
टेंट हाउस व लाइट के सामान ढुलाइ में
किराना सामान को पहुंचाने में
हार्डवेयर के सामान ढोने में
सवारी गाड़ी के रूप में
01. सड़क हादसे के लिए संवेदनशील: झाझा मेल व जुगाड़ तकनीक की यह गाड़ी सड़क हादसे के लिए संवेदनशील होते हैं. चूंकि इन गाड़ियों में मोटर पार्ट के स्पेयर मसलन सॉकर, चेसिस, पावर ब्रेक इत्यादि नहीं होते हैं. लिहाज टर्न पर इनके पलटने की संभावना अधिक होती है. कइ बार यह जानलेवा हादसे का सबब बन जाता है.
02: पर्यावरण के लिए खतरा: यह गाड़ी पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है. पम्पसेट की इंजन से चलने वाली इस गाड़ी की तेज आवाज से जहां ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं इससे निकलने वाला धुंआ पर्यावरण प्रदूषित कर रहा है. लेकिन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व वन विभाग की ओर से भी इसपर कोई कार्रवाई नहीं होती है.
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