उत्साह में शहर पर भारी पड़ा ग्रामीण क्षेत्र

Published at :22 Jan 2017 3:45 AM (IST)
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उत्साह में शहर पर भारी पड़ा ग्रामीण क्षेत्र

मानव शृंखला. एनएच 28बी के छावनी से मनुआपुल तक रही दोनों किनारे कतार बेतिया : मानव शृंखला के कतार के मामले में यूं तो शहरी क्षेत्र में भी अच्छी खासी संख्या रही. लेकिन उत्साह के मामले में ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र से भारी रहा. शहरी क्षेत्र के वार्डों के लोग अपने घरों में छुट्टी मनाते […]

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मानव शृंखला. एनएच 28बी के छावनी से मनुआपुल तक रही दोनों किनारे कतार

बेतिया : मानव शृंखला के कतार के मामले में यूं तो शहरी क्षेत्र में भी अच्छी खासी संख्या रही. लेकिन उत्साह के मामले में ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र से भारी रहा. शहरी क्षेत्र के वार्डों के लोग अपने घरों में छुट्टी मनाते दिखे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नजारा अलग रहा. ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मुख्यमार्गों पर निकले और मानव शृंखला में अपनी भागीदारी दिया. ऐसे तो ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों की संख्या भी खासी रही. परंतु इनमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही. इनमें सभी वर्गों की महिलाएं शामिल रहीं.
यह नजारा मुख्य सड़क मार्ग एनएच 28बी के मनुआपुल से आगे नजर आने लगा और ग्रामीण क्षेत्र का यह नजारा दूर तक दिखाई दिया. बल्कि पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग यहीं स्थिति रही. एक बानगी के तौर पर देखें तो चनपटिया प्रखंड के गुरवलिया पंचायत के अंतर्गत इस मुख्यसड़क एनएच 28 बी के किनारे महिलाओं की खासी तायदाद रही. यह बयान करने के लिए काफी रही कि यहां की महिलाओं में उत्साह है. कई महिलाओं ने पूछने पर बताया कि वे बिना किसी के दबाव में खड़ी है.
वे शराबबंदी के समर्थन में समय पर आकर खड़ी हो गईं. कई महिलाओं ने यह भी कहा कि वे नशामुक्ति के पक्षधर हैं और नशा के कारण सर्वाधिक प्रताड़ना कहीं न कहीं महिलाओं को ही भुगतना पड़ा है. इसलिए वे चाहती हैं कि शराबबंदी लागू हो और इसका परिणाम भी ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है. उनका कहना था कि निस्संदेह सूबे के सीएम नीतीश कुमार की ओर से एक जायज कदम है. यहां की मुखिया मोबिना खातून और उनके पति म. हारून की सक्रियता अच्छी रही.
बाक्स की खबर : ड्रेस कोड में रहे शिक्षा व चिकित्सा समेत कई विभागों के कर्मी
मानव शृंखला के कतार में यदि सबसे ज्यादा बेहतर नजर आया तो वह था ड्रेस कोड‍. छावनी से मनुआपुल के बीच शिक्षा विभाग के कर्मचारी कतारबद्ध थे. इनमें सभी कर्मचारी ड्रेस कोड में नजर आये. सफेद रंग के ड्रेस कोड में ये कतारबद्ध थे और गुजरने वालों को आकर्षिक कर रहे थे. शिक्षा विभाग के कर्मी दीपेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व से ही जिला शिक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ साह ने इसको लेकर सभी कर्मियों को निर्देश जारी किया था. जिससे सभी कर्मचारी ड्रेस कोड में ही यहां पहुंचे.
वहीं चिकित्सा विभाग की ओर से भी अधिकतर कर्मी ड्रेस कोड में दिखे. इनमें नर्स के अलावा अन्य कर्मी भी शामिल रहे. जबकि मेडिकल कॉलेज व एनएनएम स्कूल के छात्रों और छात्राओं ने भी मानव शृंखला में अपनी भागीदारी ड्रेस कोड में दिये. साथ ही कॉलेज के अधिकारी व कर्मचारी में मानव शृंखला में कतारबद्ध रहे.
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