देशहित में कदम, थोड़ी परेशानी, पर कोई बात नहीं

Published at :10 Nov 2016 5:27 AM (IST)
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देशहित में कदम, थोड़ी परेशानी, पर कोई बात नहीं

बगहा : पांच सौ एवं हजार के नोट को मंगलवार की आधी रात से अमान्य घोषित कर दिया गया है. इसका असर कालेधन वालों पर क्या हुआ इसका तो पता नहीं. लेकिन वैसे लोग जिनके पास पांच सौ से दस हजार तक की राशि थी वे मंगलवार की रात से ही परेशान दिखे.बुधवार की सुबह […]

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बगहा : पांच सौ एवं हजार के नोट को मंगलवार की आधी रात से अमान्य घोषित कर दिया गया है. इसका असर कालेधन वालों पर क्या हुआ इसका तो पता नहीं. लेकिन वैसे लोग जिनके पास पांच सौ से दस हजार तक की राशि थी वे मंगलवार की रात से ही परेशान दिखे.बुधवार की सुबह सो कर उठने के साथ ही चौक-चौराहों व चाय पान की दुकानों पर बस एक ही बात की चर्चा थी कि इसका असर लोगों पर क्या पड़ेगा. लोग इससे होने वाली परेशानियों की चर्चा के बीच इस बात पर सहमत दिखे कि केंद्र सरकार के इस फैसले का दूरगामी परिणाम होगा.

लोगों का मानना था कि दो तीन दिन इससे भले ही परेशानी होगी लेकिन देशहित में यह सरकार का अच्छा कदम है. हालांकि, इस मौके का भी कुछ लोग फायदा उठाने से बाज नहीं आये जिनके पास सौ व पचास के नोट थे.इन लोगों ने दस से बीस प्रतिशत तक कमीशन ले कर लोगों के नोट बदले. इसमें वैसे लोग शामिल थे जिन्हें ट्रेन पकड़कर बाहर जाना था और उनका टिकट पहले से बना था.

सामान खरीदने के लिए परेशान दिखे लोग: बुधवार की सुबह आवश्यक व दैनिक वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोग परेशान रहें. पहले तो दुकानदारों ने नोट लेने से मनाकर दिया. फिर जब उनके समझ में आया कि वे इस पैसे को अपने अकाउंट में डाल सकते हैं तो उन्होंने पांच सौ का नोट लेना शुरू किया. लेकिन इसमें भी परेशानी इस बात की थी कि लोग पांच सौ का नोट लेकर आते और पचास रूपया का सामान खरीदते. दुकानदारों का कहना था कि वे थोड़े बहुत ही छुट्टे रखते हैं शेष लोग देते हैं.
उससे काम चलता है. लेकिन स्थिति यह थी कि सामान खरीदने वालों में भी सामान खरीदने से ज्यादा नोट चलाने की होड़ थी.कई लोग ऐसे भी थे जिनके पास पांच सौ या हजार का एक ही नोट था. उन्हें दाल भी खरीदनी थी और सब्जी भी. जो अलग अलग दुकानों पर मिलती है. सौ के नोट के अभाव में बाजार भी प्रभावित रहा.
स्टेशन व पेट्रोल पंपों पर रही भीड़ : हजार एवं पांच सौ का नोट चलाने के लिए लोग बुधवार को पेट्रोल पंपों तक पहुंचे. हर कोई हजार का नोट देकर एक सौ रुपये का पेट्रोल एवं डीजल खरीदना चाहता था. इसे लेकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग गयी. शुरूआती दौड़ में तो पेट्रोल पंपों पर लोगों ने आसानी से तेल ले लिया लेकिन जैसे जैसे भीड़ बढ़ती गयी.पेट्रोल पंप संचालकों ने पेट्रोल देना बंद कर दिया. उनका कहना था कि उनके पास छुट्टे नहीं हैं वे पांच सौ या हजार का नोट लेने को तैयार हैं
लेकिन वे पांच सौ के बदले पांच सौ और हजार के बदले हजार का ही तेल देंगे. ऐसे में उन लोगों की परेशानी बढ़ गयी है जिनके पास पांच सौ या हजार का एक ही नोट है और पेट्रोल लेना भी जरूरी है. वहीं रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों को टिकट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कम दूरी का टिकट लेने पर बुकिंग क्लर्क पांच सौ या हजार का नोट लेने से मना करते दिखे. उनका भी यही कहना था कि उनके पास छुट्टे पैसे की समस्या है.
आधी रात तक टीवी पर जमे रहे लोग
बगहा. मंगलवार की शाम आठ बजे से ही पांच सौ एवं हजार के नोट बंद हो जाने की चर्चा फोन व ह्वाट्सएप के जरिये लोगों तक पहुंचने लगी थी. लेकिन ह्वाट्स एप के मैसेज को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे थे.
जो लोग रात को किन्हीं कारणों से टीवी नहीं देख सकें थे वे मैसेज मिलने के बाद इसकी सत्यता की जांच के लिए एक दूसरे को फोन कॉल करते देखे गये.जो लोग रात के 9 बजे तक घर पहुंच गये थे वे चैनल बदल बदल कर इस बात की तसल्ली कर लेना चाह रहे थे कि पांच सौ एवं हजार का नोट मंगलवार की आधी रात से बंद हो गया.
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