तनाव में थे एजेंसी मालिक
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सिद्धी विनायक एजेंसी के मालिक की संदिग्धावस्था में मौत शहर में एलपीजी सिलेंडर का व्यवसाय कर रहे संतोष की मौत ने आयल कंपनी के अधिकारियों की कार्यशैली व उनके रवैये पर सवाल खड़ा कर दिया है़ भले ही संतोष की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है, लेकिन परिजनों ने संतोष को ब्रैन हैमरेज तक पहुंचाने […]
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सिद्धी विनायक एजेंसी के मालिक की संदिग्धावस्था में मौत
शहर में एलपीजी सिलेंडर का व्यवसाय कर रहे संतोष की मौत ने आयल कंपनी के अधिकारियों की कार्यशैली व उनके रवैये पर सवाल खड़ा कर दिया है़ भले ही संतोष की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है, लेकिन परिजनों ने संतोष को ब्रैन हैमरेज तक पहुंचाने के जिम्मेवार कंपनी के अफसरों को बताया है.
बेतिया : शहर के हरिवाटिका भगवती नगर स्थित सिद्धी विनायक गैस एजेंसी के मालिक संतोष कुमार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई़ शुक्रवार की रात सिर दर्द की शिकायत पर परिजन उन्हें निजी के बाद एमजेके सदर अस्पताल ले गये, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज की बात कहकर उन्हें मृत घोषित कर दिया़
मामले में परिजनों ने आयॅल कंपनी के अधिकारियों पर उज्जवला लक्ष्य पूरा करने का दबाव देने, एलपीजी सिलेण्डर की सप्लाई रोक देने व एजेंसी रद्द करने की धमकी देने के चलते हुए तनाव से मौत होने का आरोप लगाया है़ हालांकि पुलिस में इसकी शिकायत अभी तक नहीं की गई है़ एजेंसी मालिक के भाई आलोक ने बताया कि उनके भाई संतोष कुमार सिद्धी विनायक गैस एजेंसी नाम से एलपीजी सिलेण्डर का व्यवसाय करते थे़ करीब एक साल पहले उनके भाई को एजेंसी मिली थी़
इधर, प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना लांच होने के बाद आयल कंपनी के अधिकारियों ने इनके भाई पर इस योजना के तहत दो हजार नये ग्राहक को जोड़ने का लक्ष्य तय कर दिया़ इस योजना के तहत महज बीपीएल परिवार की महिला सदस्य के नाम कनेक्शन देना था़ लिहाजा इनके भाई ने लक्ष्य के सापेक्ष करीब 500 ही ग्राहक उज्जवला योजना के तहत जोड़ सके. कंपनी की ओर से एक अक्तूबर को अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी़
अंतिम तिथि करीब आने पर कंपनी के अधिकारियों की ओर से काफी दबाव दिया जाने लगा़ यहां तक की एलपीजी सिलेण्डर की सप्लाई भी रोक दी गई़ इसके बाद लक्ष्य पूरा नहीं होने पर एजेंसी रद्द करने की धमकी दी जाने लगी़
कंपनी के इस प्रेशर को लेकर संतोष कुमार इधर, कुछ दिनों से काफी तनाव में थे़ आलोक ने सीधा आरोप लगाया कि उनके भाई की ब्रेन हैमरेज से मौत के जिम्मेवार कंपनी के अधिकारी हैं.
सप्लाई रोकने से ग्राहकों का भी बढ़ा था प्रेशर : आलोक ने बताया कि एजेंसी से शहर के करीब ढ़ाई हजार ग्राहक जुड़े हैं, जिन्हें होम डिलीवरी के माध्यम से एलपीजी सिलेण्डर की सप्लाई दी जाती है़ इधर, कंपनी द्वारा सिलेंडरों की सप्लाई रोक देने से पूरा स्टॉक खाली हो गया़ ग्राहकों को सिलेण्डर की आपूर्ति मिलनी बंद हो गई़ लिहाजा ग्राहकों की ओर से भी सिलेण्डर की मांग को लेकर दबाव दिया जाने लगा.
चार माह पहले हुई थी संतोष की शादी :
ब्रेन हैमरेज के चलते मृत हुए एजेंसी मालिक संतोष की शादी अभी चार माह पहले ही हुई थी़ वह पूर्वी चंपारण की तुरकौलिया की रहने वाली कविता देवी से परिणय सूत्र में बंधे थे़ शादी के बाद से पूरे परिवार में खुशी थी़ लेकिन, अचानक संतोष की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है़
बड़े भाई की गोली मार कर दी गई थी हत्या : एजेंसी मालिक संतोष के बड़े भाई राजेश कुमार की तीन साल पहले पैसों के लेन-देन को लेकर गोली मार हत्या कर दी गई थी़ बता दें कि संतोष के पिता जगरनाथ प्रसाद का बरवत में चिमनी ईंट भठ्ठे का व्यवसाय था़
भाई आलोक शहर के स्टेशन चौक के समीप सिद्धी मेगा मार्ट नाम से दुकान चलाते हैं.
कोट….
कंपनी की ओर से दबाव देने जैसा कोई मामला नहीं है़ उज्जवला कनेक्शन के तहत मिले लक्ष्य को सामान रुप से सभी डीलरों पर तय किया गया है़ एलपीजी सिलेण्डर की सप्लाई रोकने जैसी कोई बात नहीं है़ प्लांट में कुछ दिक्कत के चलते सप्लाई देने में कुछ समस्या आ रही है़ बैकलॉग अधिक है़
लावा लेपचा, सेल्स एरिया मैनेजर एचपी कंपनी
खास बातें
परिजनों ने आयॅल कंपनी पर उज्जवला का लक्ष्य पूरा नहीं करने से एलपीजी सप्लाई रोकने व एजेंसी रद्द करने की धमकी का लगाया आरोप
सिर दर्द की शिकायत पर परिजनों ने एजेंसी मालिक संतोष को अस्पताल में कराया भरती, इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों का आरोप, कंपनी के लगातार दबाव से काफी तनाव में थे संतोष
कंपनी के अधिकारियों ने रोक दी थी एलपीजी सिलेण्डर की सप्लाई, ग्राहक भी रोज करते थे हंगामा
एक अक्तूबर तक उज्जवला योजना के तहत दो हजार उपभोक्ता को जोड़ने का था लक्ष्य, 500 ही ग्राहक जोड़ सके थे संतोष
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