एमवीआइ व बड़ा बाबू भी लेते हैं हिस्सा!
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 May 2016 4:54 AM (IST)
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सिस्टम से छेड़छाड़ कर 15.68 लाख रुपया का हेराफेरी करने में गिरफ्तार परिवहन विभाग के दो कर्मियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है़ आरोप लगाया है कि हेराफेरी का यह पूरा खेल अफसरों की जानकारी में चल रहा था़ खुद डीटीओ, एमवीआई व बड़ा बाबू इसमें मोटा हिस्सा लेते थे़ महालेखाकार की पकड़ में आने पर […]
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सिस्टम से छेड़छाड़ कर 15.68 लाख रुपया का हेराफेरी करने में गिरफ्तार परिवहन विभाग के दो कर्मियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है़ आरोप लगाया है कि हेराफेरी का यह पूरा खेल अफसरों की जानकारी में चल रहा था़ खुद डीटीओ, एमवीआई व बड़ा बाबू इसमें मोटा हिस्सा लेते थे़ महालेखाकार की पकड़ में आने पर साथ दोष हमारे ऊपर मढ़ा जा रहा है़
बेतिया : जिला परिवहन कार्यालय में 15.68 लाख की हेराफेरी व 1.32 करोड़ की विभाग को चपत लगाने के मामले में डीटीओ निरोज भगत, एमवीआई अरूण कुमार व बड़ा बाबू सरफराज अहमद का नाम भी सामने आया है़
इसका खुलासा कोई और नहीं, बल्कि खुद डीटीओ कार्यालय में तैनात रहे प्रोगामर लक्ष्मण प्रसाद व ऑपरेटर कुंदन कुमार ने पुलिसिया पूछताछ में की है़ जो गबन के मामले में बुधवार को गिरफ्तार किये गये थे़
गिरफ्तार कर्मियों ने पुलिस को बताया है कि कार्यालय में वाहन टैक्स, ड्राइविंग लाइसेंस, बकाया टैक्स आदि जमा करने सहित अन्य कार्यों में पैसे का खेल चलता था़
चूंकि इसमें ऊपर से नीचे तक सबकी हिस्सेदारी थी़ लिहाजा कोई भी इसमें अडंगा नहीं लगाते था़ कर्मियों ने यह भी खुलासा किया है कि कम्प्यूटर से छेड़छाड़ कर अवैध कमाई का खेल वर्षों से चलता आ रहा है़ एएसपी अभियान राजेश कुमार ने बताया कि हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार कर्मियों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी है़ गिरफ्तार कर्मियों ने यह भी बताया है कि उनके अलावे चार और कम्प्यूटर ऑपरेटर सिस्टम से छेड़छाड़ कर राशि हेराफेरी करते हैं. इसमें मोतिहारी के रहने राकेश कुमार, आनंद कुमार, विनोद कुमार, दिनेश कुमार शामिल हैं.
2012 से चल रहा है खेल
एएसपी अभियान राजेश कुमार ने बताया कि परिवहन विभाग में घपला का खेल वर्ष 2012 से हीं चल रहा है़ इसका खुलासा गिरफ्तार कर्मियों ने किया है़ कर्मियों ने पुलिस को बताया है कि वर्ष 2012-013 के का ऑडिट महालेखागार ने कर दिया है़ ऑडिट का फैयादा उठा कर वे टैक्स बकाया वाहन मालिकों से 200 फीसदी के दर से पैसा लेकर सर्वर से छेडछाड कर कम हीं टैक्स जमा कर रशीद देते थे़ शेष राशि को बंटवारा साहब से लेकर कर्मियों के बीच कर दी जाती थी़
बिना कागजात के बन गया है 500 लाइसेंस
पुलिस की मानें तो परिवहन विभाग में हाल के दिनों में एक हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाया गया है़ आश्चर्य तो यह है कि 500 ड्राइविंग लाइसेंस बिना कागजात के हीं बना दिया गया है़ गिरफ्तार कर्मियों ने यह भी खुलासा किया है कि बिना कागजात के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के खेल में सबसे ज्यादा संलिप्तता एमवीआइ अरूण कुमार का रहा है़ सारे आरोप निराधार है़ं मामले में फंसने के बाद कर्मी अनर्गल आरोप लगा रहे है़ं हेराफेरी में मेरी कहीं कोई संलिप्तता नहीं है़
निरोज कुमार भगत, डीटीओ बेतिया
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है़ बिना प्रक्रिया के डीएल बनना संभव नहीं है़ आरोप गलत है़
अरुण कुमार, एमवीआई बेतिया
अगर महालेखाकार नहीं पकडता घपला, तो नहीं जगता विभाग
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