हादसा . हाइटेंशन तार की चपेट में आने से कई की पहले भी जा चुकी है जान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Mar 2016 4:50 AM (IST)
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रिहायशी इलाके में झूल रही मौत िबजली िवभाग को िचंता नहीं घटना के बाद जुटे मोहल्ले के लोग. घर की छत पर गुजरते हाइटेंशन तार. शहर से सटे मंशा टोला घनी आबादी का वह क्षेत्र है. जहां एक घर दूसरे घर से काफी सटे हुए है. इतना ही नहीं आने-जाने के लिए भी लोगों को […]
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रिहायशी इलाके में झूल रही मौत िबजली िवभाग को िचंता नहीं
घटना के बाद जुटे मोहल्ले के लोग.
घर की छत पर गुजरते हाइटेंशन तार.
शहर से सटे मंशा टोला घनी आबादी का वह क्षेत्र है. जहां एक घर दूसरे घर से काफी सटे हुए है. इतना ही नहीं आने-जाने के लिए भी लोगों को काफी सकरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है. इसमें बिजली विभाग के हाईटेंशन तार लोगों के घरों से होकर गुजरे है. हर पल लोग इस मुहल् ला में खतरों से खेल कर अपनी रात गुजराने को विवश है.
बेतिया :पावर सब स्टेशन से सटा मंशा टोला रिहायशी इलाके में झूलते मौत के फंदे ने बुधवार की रात एक पति-पत्नी की जान ले ली. इस घटना ने मुहल्लेवासियों में दहशत का माहौल कायम कर दिया है. लोग इस घटना से जितने दुखी है उतने ही आक्रोशित भी है.
घटना के बारे में जब स्थानीय लोगों अपने आंखों देखी हाल बयां करते हैं, तो लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे. मुहल्लावासियों ने बताया कि बुधवार की रात जो उन लोगों ने देखा. इससे उनकी हिम्मत ही जवाब दे गयी. लोगों का कहना है कि पलक झपकतें ही वसीम व उसकी पत्नी शाहजहां को मौत की नींद हाईटेंशन तार ने सुला दी.
इधर, इस घटना के बाद लोग अपने घरों के छत पर जाने से कतरा रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से हाईटेंशन तार को मुहल्ला से दूर करने की भी मांग की है.
आठ दिन पहले ही ससुराल आया था वसीम : मंशा टोला निवासी शेख श्रवण का दामाद मो. वसीम आठ दिन पहले ही अपने ससुराल आया था. लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी मौत उसे बुला रही है. पति- पत्नी की मौत से पूरे मंशा टोला में मातमी सन्नाटा पसर गया है. लोग भय के माहौल में है.
मासूम बच्चों पर टूटा दुख का पहाड़
घटना के बाद गुमसुम खड़े मृतक दंपती के बच्चे़
मासूम बच्चियों के सिर से उठा मां-बाप का साया
मृतक वसीम व शाहजहां को दो बच्चियां ही थी. बड़ी बेटी आलिया 4 वर्ष व आफिया ढाई वर्ष की है. इन दोनों को पता भी नहीं है कि उनके मां-बाप अब इस दुनिया में नहीं रहे. दोनों बस अपने परिवार वालों को रोता देख. रोने लगते है तो कभी बच्चों के बीच जा कर खेलने लगते है. छोटी बच्ची आफिया घर आने जाने वाले को देख अम्मी-अम्मी कह रोने लगती है.
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