4100 करोड़ मेहरबानी नहीं बिहार का हक है: मंत्री

Published at :16 Jul 2013 1:57 PM (IST)
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4100 करोड़ मेहरबानी नहीं बिहार का हक है: मंत्री

बेतियाः केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि बिहार के विकास के लिए 4100 करोड़ की राशि दी जानी है, जो बिहार के साथ कोई मेहरबानी नहीं है. यह बिहार का हक है, जिसे दिया गया है. इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. गांवों में देश बसता है. जब तक गांव के […]

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बेतियाः केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि बिहार के विकास के लिए 4100 करोड़ की राशि दी जानी है, जो बिहार के साथ कोई मेहरबानी नहीं है. यह बिहार का हक है, जिसे दिया गया है. इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. गांवों में देश बसता है. जब तक गांव के विकास नहीं होंगे, तब तक देश का विकास संभव नहीं है. इसलिए बिहार की अधूरे ग्रामीण सड़कों के निर्माण को पूरा करने के लिए राशि दी गयी है.

मंत्री ने कहा कि उस राशि में से 210 करोड़ की राशि पश्चिम चंपारण जिले में खर्च होगी. 137 सड़कों का निर्माण 210 करोड़ की लागत से कराया जायेगा. 18 माह के अंदर कार्य को पूरा भी कर देना है. बिहार को विशेष राजय का दर्जा देने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि देश के बिहार, झारखंड, ओड़िसा, यूपी और मध्यप्रदेश में सर्वाधिक गरीब बसते हैं.

इसलिए इन राज्यों को विशेष सहायता मिलनी चाहिए, ताकि इन राज्यों का समुचित विकास हो. बिहार पहले से ही विशेष राज्य रहा है. ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, और राजीतिक रूप से बिहार पहले से ही विशेष राज्य रहा है. हिंदुस्तान तभी आगे बढ़ सकता है जब बिहार आगे बढ़ेगा. इसलिए बिहार का विकास जरूरी है.

बीटीआर देखने की हसरत
मंत्री ने कहा कि पश्चिम चंपारण जिले का ऐतिहासिक महत्व है. उनकी इच्छा थी कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगल को देखें. लेकिन समयाभाव के कारण वहां नहीं जा सका. दुबारा आयेंगे तो निश्चित तौर पर वाल्मीकिनगर जायेंगे और जंगल और इको टूरिज्म के रूप में हो रहे विकास से रूबरू होंगे.

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