आईआरएस राजेश के फर्जी डिग्री मामले में जांच करने बेतिया पहुंची सीबीआइ

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बेतिया : जवाहर नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्र राजेश कुमार शर्मा के फर्जी कागजात पर नौकरी करने के मामले की जांच करने सीबीआई की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को दिल्ली से बेतिया पहुंची. टीम ने आते ही वृंदावन स्थित नवोदय विद्यालय का दौरा किया. विद्यालय में राजेश के नामांकन से लेकर पास होने तक के […]

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बेतिया : जवाहर नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्र राजेश कुमार शर्मा के फर्जी कागजात पर नौकरी करने के मामले की जांच करने सीबीआई की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को दिल्ली से बेतिया पहुंची. टीम ने आते ही वृंदावन स्थित नवोदय विद्यालय का दौरा किया. विद्यालय में राजेश के नामांकन से लेकर पास होने तक के सारे रिकॉर्ड खंगाले.

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फोटो का मिलान किया. जन्मतिथि के प्रमाण के लिए जमा कराये गये कागजात की भी जांच की. जांच में क्या पता चला, इस बारे में सीबीआई ने किसी से बात नहीं की. सीबीआई शनिवार को राजेश के पैतृक गांव गरभुआ जा सकती है.

बता दें कि नौकरी के लिए फर्जीवाड़े के आरोप में अक्तूबर माह में सीबीआई ने आईआरएस राजेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया था. राजेश इस दौरान कोलकाता में डीजी सीजीएसटी के पद पर कार्यरत थे. चनपटिया प्रखंड के सिरिसिया ओपी क्षेत्र के गरभुआ रांव के राजेश ने 1991 में वृंदावन स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से मैट्रिक पास की है. 1993 में पल्स टू किया. राजेश ने यूपीएससी के 2007 बैच के अधिकारी हैं.
राजेश पर आरोप है कि उन्होंने उम्र से संबंधित फर्जी कागजात जमा कराये थे. इसके लिए राजेश ने नवनीत कुमार नाम का सहारा लिया. जन्मतिथि तो बदल दी, लेकिन पिता का नाम व घर का पता एक ही रहा. जानकारी के अनुसार नवनीत के नाम से 15 जून, 1980 जन्मतिथिबताने, 1996 में हाईस्कूल, 2003 में इंटरमीडिएट और 2008 में स्नातक करने का दावा राजेश ने किया है. जबकि विभाग में 2003 से अब तक अपना जन्म प्रमाणपत्र और इंटरमीडिएट की परीक्षा का कोई प्रमाणपत्र जमा नहीं कराने का भी आरोप राजेश पर है.
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