किसानों के 483 करोड़ दबाये बैठी हैं मिलें, खरीफ की खेती बनी चुनौती

Updated at : 01 Jun 2018 4:56 AM (IST)
विज्ञापन
किसानों के 483 करोड़ दबाये बैठी हैं मिलें, खरीफ की खेती बनी चुनौती

गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से जिले के किसान चिंतित, हर दिन मिल का लगा रहे चक्कर पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी भुगतान को लेकर लगी टकटकी बेतिया : भले ही सरकार ने 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने पर ब्याज समेत भुगतान का आदेश जारी किया हो, लेकिन जिले […]

विज्ञापन

गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से जिले के किसान चिंतित, हर दिन मिल का लगा रहे चक्कर

पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी भुगतान को लेकर लगी टकटकी
बेतिया : भले ही सरकार ने 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने पर ब्याज समेत भुगतान का आदेश जारी किया हो, लेकिन जिले में ब्याज तो दूर गन्ना का वाजिब दाम के लिए भी किसान टकटकी लगाये बैठे हैं.
मिल इन किसानों के 483 करोड़ से अधिक की रकम दबाये बैठी हैं. भुगतान में देरी के पीछे मिलें जहां चीनी की दाम में गिरावट का रोना रो रही हैं. वहीं किसानों के सामने खरीफ की खेती चुनौती बनकर उभरी है. गन्ना मूल्य भुगतान बकाया होने से ज्यादातर किसानों के हाथ खाली है. ऐसे में किसान बेहद ही चितिंत दिख रहे हैं. ऐसा नहीं है कि मिलें भुगतान को लेकर गंभीर नहीं है. बल्कि उनके द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है, लेकिन चीनी के दाम में आई गिरावट में मिलों के सामने मुश्किलें पैदा कर दी है. कई मिलें तो सरकारी मदद की आस भी लगा बैठी है. हालांकि कुछ मिलों ने भुगतान में तेजी दिखाई हैं.
सरकारी रिकार्ड के मुताबिक, हरिनगर चीनी मिल ने जहां अपने पेराई मूल्य का करीब 76 फीसदी भुगतान कर दिया है. वहीं नरकटियागंज चीनी मिल ने करीब 72 फीसदी रकम भुगतान कर दिया है. जबकि मझौलिया 66 फीसदी, बगहा 57 फीसदी व लौरिया करीब 43 फीसदी भुगतान कर दिया है. इस वर्ष चीनी मिलों के प्रदर्शन पर गौर करें तो सभी मिलों ने इस बार 1481.21 करोड़ रुपये के गन्ने की पेराई की. इसमें से मिलों ने 998.12 करोड़ रुपये भुगतान कर दिया है. जबकि 483.42 करोड़ रुपये अभी भी किसानों का मिलों के जिम्मे बकाया है. जिसे लेकर वह परेशान दिख रहे हैं.
चीनी मिल कुल ईंख मूल्य भुगतान बकाया राशि
बगहा 326.34 करोड़ 184.19 करोड़ 142.5 करोड़
हरिनगर 513.70 करोड़ 394.26 करोड़ 119.44 करोड़
नरकटियागंज351.23 करोड़ 253.51 करोड़ 97.71 करोड़
लौरिया 115.59 करोड़ 50.28 करोड़ 65. 30 करोड
मझौलिया 174. 35 करोड़ 115.88 करोड़ 58.47 करोड़
कैसे होगी खरीफ की खेती
गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का बकाया होने के कारण खरीफ फसल की खेती पर भी संकट छा गया है. जिन किसानों ने केसीसी करा रखी है उनका भी किश्त का भुगतान बैंको में नही हो पाया है. परिणामस्वरुप उन्हें भी राशि मिलने की संभावना नही है. ऐसे में किसानों की निगाहें चीनी मिलों पर जा टिकी है. वें दिन रात अपने गन्ना मूल्य भुगतान के लिए दौड़ लगा रहे है. लेकिन उन्हें अभी भुगतान नही किया जा रहा है.
चीनी मिल प्रबंधन के साथ बैठक कर किसानों की जो भी समस्याएं थी, उस संदर्भ में वार्ता की गई थी. जो भी कमियां भी उसे दूर करने को कहा गया था. भुगतान को लेकर भी मिल प्रंबधनों को निर्देश जारी किया जा चुका है.
डॉ निलेश रामचंद्र देवरे, डीएम
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन