थानों में जब्त पुराने नोट हो जायेंगे रद्दी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मोतिहारी : पुलिस के लिए नोटबंदी आफत बन सकती है. जिले के विभिन्न थानों में करीब 80 लाख रुपये जब्त है, जो 31 मार्च के बाद रद्दी कागज का टुकड़ा हो जायेगा. थाने में जब्त रुपये को लेकर पुलिस काफी परेशान दिख रही है. वह इसलिए कि जब न्यायालय संबंधित लोगों को जब्त रुपये रीलिज […]
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मोतिहारी : पुलिस के लिए नोटबंदी आफत बन सकती है. जिले के विभिन्न थानों में करीब 80 लाख रुपये जब्त है, जो 31 मार्च के बाद रद्दी कागज का टुकड़ा हो जायेगा. थाने में जब्त रुपये को लेकर पुलिस काफी परेशान दिख रही है. वह इसलिए कि जब न्यायालय संबंधित लोगों को जब्त रुपये रीलिज करने का आर्डर देगी, तब क्या होगा. उस 500 व 1000 हजार के पुराने नोट का तो वैल्यू नहीं रहेगा.
नोट जब जब्त हुआ था तो चलन में था, लेकिन 31 मार्च के बाद वही नोट रद्दी कागज के समान हो जायेगा. ऐसे में जब न्यायालय से नोट रीलिज करने का आर्डर होगा तो संबंधित लोग रद्दी कागज का टुकड़ा (पुराना नोट) नहीं लेंगे.
वे चलन वाले नोट (नया नोट) का डिमांड करेंगे. इसके लिए लोग कानून का दरवाजा भी खटखटायेंगे. वैसी परिस्थिति में पुलिस को परेशानी हो सकती है. नोटबंदी से आने वाली समस्या से निपटने को लेकर पुलिस पदाधिकारी अभी से ही मंथन में लगे है. कई थानाध्यक्षों ने तो परेशानी से बचाने के लिए वरीय पदाधिकारियों के पास पत्राचार कर मार्ग दर्शन भी मांगा है.
पुलिस का कहना है कि 31 मार्च से पहले तक न्यायालय से नोट जब्ती संबंधित मामलों में जो फैसला आयेगा,उसका निपटरा संभव है. उन रुपये को आरबीआइ में बदला जा सकता है, लेकिन वही फैसला 31 मार्च के बाद आयेगा तो थाना में जब्त सारे 500 व 1000 के नोट रद्दी कागज के टुकड़े के समान हो जायेंगे. इसको लेकर परेशानी हो सकती है.
कुछ थानाध्यक्षों की फंस सकती है गरदन : नोटबंदी से कुछ थानाध्यक्षों की गरदन फंसती नजर आ रही है. सूत्र बताते हैं कि जिले के कुछ थानाध्यक्ष जब्त रुपये निजी काम में खर्च कर चुके हैं. थानाध्यक्षों ने यह सोच कर रुपये खर्च किये होंगे कि कोर्ट से राशि संबंधित दावेदार को वापस करने का आर्डर आयेगा तो रुपये की व्यवस्था की जायेगी. अगर थानाध्यक्षों ने समय से पहले पुराने नोट मालखाना में रख दिया होगा तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर चुक गये होंगे तो उनकी गरदन फंस सकती है,
क्योंकि नोट जब्ती से संबंधित एफआइआर में यह लिखा रहता है कि 500 व 1000 या अन्य नोट के प्रकार व संख्या लिखी रहती है.
स्थानांतरित पदाधिकारी साथ ले गये जब्त कैश : जिले से स्थानांतरित कई पुलिस पदाधिकारी (थानाध्यक्ष) जब्त कैश भी साथ लेकर चले गये. इसकी पुष्टि कुछ थानों के मालखाना पंजी से हो रही है. उसमें किस थानाध्यक्षों के पास कितनी जब्त राशि है, उसका विवरण स्पष्ट लिखा हुआ है. मुफस्सिल के एक पूर्व थानाध्यक्ष के जिम्मे मालखाना का करीब एक लाख रुपये है
. बताया जा रहा है कि उनका जिले से तबादला हो चुका है, लेकिन जिला से जाते समय उन्होंने मालखाना के कैश का प्रभार नहीं सौंपा. यह समस्या सिर्फ मुफस्सिल थाने का ही नहीं है, बल्कि कुछ अन्य थानाध्यक्षों ने भी स्थानांतरण होने के बाद मालखाना के कैश का प्रभार नहीं सौंपा है.
थानों में लाखों रुपये हैं 500 व 1000 के नोट
पुलिस के लिए नोटबंदी आनेवाले दिनों में बन सकती है आफत
थानाध्यक्षों ने वरीय पदाधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन
कानूनी प्रक्रिया के तहत थानों में नोट जब्त है. जब्त नोट न्यायालय का प्रदर्श होता है. इस लिए न्यायालय का जो आदेश होगा, उसके अनुसार पुलिस काम करेगी.
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