अमानत कार्यक्रम में सदर अस्पताल चयनित
Updated at : 09 Jan 2017 6:56 AM (IST)
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गर्भवती माता व शिशुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा घटेगी नवजात शिशुओं की मृत्यु दर एक सप्ताह के अंदर होगी योजना की शुरुआत मोतिहारी : स्वास्थ्य सेवा में बुनियादी एवं सुधार हेतु गर्भवती माताओं और शिशुओं के लिए बेहतर सेवा को ले मोतिहारी सदर अस्पताल में अमानत कार्यक्रम का आरंभ होगा. यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के […]
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गर्भवती माता व शिशुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
घटेगी नवजात शिशुओं की मृत्यु दर एक सप्ताह के अंदर होगी योजना की शुरुआत
मोतिहारी : स्वास्थ्य सेवा में बुनियादी एवं सुधार हेतु गर्भवती माताओं और शिशुओं के लिए बेहतर सेवा को ले मोतिहारी सदर अस्पताल में अमानत कार्यक्रम का आरंभ होगा. यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निर्देशक शशिभूषण कुमार के निर्देश के आलोक में यहां संचालित किया जा रहा है. अमानत कार्यक्रम के तहत बिहार के 320 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 11 सदर अस्पतालों में लगभग 2500 नर्सों को प्रशिक्षित किया गया है. अब पांच सदर अस्पतालों के डाॅक्टर एवं नर्सों को प्रशिक्षण देने की कवायद शुरू की जायेगी, जिसमें पूर्वी चंपारण जिला भी शामिल है.
क्या है अमानत कार्यक्रम : यह कार्यक्रम मातृत्व एवं नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के लिए चलाया जा रहा है. इसके तहत चिकित्सकों एवं नर्सों को सुरक्षित प्रसव कराने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. ताकि गंभीर से गंभीर प्रसव को आसानी से कराया जा सके. इससे मातृत्व एवं नवजात शिशुओं की मृत्यु दर कम हो सके.
50 नर्स एवं चिकित्सक होंगे प्रशिक्षित : अमानत कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल के लगभग 40-50 नर्स एवं चिकित्सक इसका प्रशिक्षण लेंगे. यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य समिति से आये प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा दिया जायेगा. नर्सों एवं चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा कि यदि गर्भाशय फट जाये. वैसी स्थिति में माता और नवजात शिशुओं को कैसे बचाया जाये. सीजेरियन करना, प्री इक्लेपासिया आदि शामिल है. नर्सों के अतिरिक्त प्रसूति विशेषज्ञ, निश्चेतन विशेषज्ञ तथा बाल विशेषज्ञ को प्रशिक्षण दिया जायेगा.
प्रसव कक्ष को संक्रमणमुक्त बनाने का प्रशिक्षण : प्रसव कक्ष को संक्रमणमुक्त कैसे बनाया जायेगा. इसका प्रशिक्षण नर्स एवं चिकित्सक को दिया जायेगा. इसके अतिरिक्त अन्य तकनीक बताये जायेंगे, जिसमें परिवार नियोजन से संबंधित मामले भी शामिल है.
क्या होगा फायदा : इस कार्यक्रम के शुरू होने से कमजोर नवजात की पहचान एवं आवश्यक देखभाल में सुधार होगा. बच्चों एवं महिलाओं में खतरे के कारणों की पहचान एवं उपचार में गुणात्मक सुधार होगा. साथ ही गर्भवती महिलाओं का नर्स एवं अस्पताल कर्मियों पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा.
अमानत कार्यक्रम प्रारंभ होने से अस्पताल की चिकित्सा गुणवता में सुधार होगा. इससे अस्पताल के चिकित्सकीय व्यवस्था का सर्वांगिण विकास होगा.
विजय चंद्र झा, स्वास्थ्य प्रबंधक, मोतिहारी, सदर अस्पताल
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