कैश की कमी के कारण दिनभर भटकते रहे उपभोक्ता
Updated at : 17 Nov 2016 6:30 AM (IST)
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खुदरे की तलाश में भटक रहे लोग मोतिहारी : 500 व एक हजार के नोट पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब लोग बैंक का चक्कर लगाने को मजबूर है. बैंक खुलने से पहले लोगों की जो कत्तार लगती है व बैंक बंद होने के बाद ही समाप्त होती है. 500 व एक हजार का नोट […]
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खुदरे की तलाश में भटक रहे लोग
मोतिहारी : 500 व एक हजार के नोट पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब लोग बैंक का चक्कर लगाने को मजबूर है. बैंक खुलने से पहले लोगों की जो कत्तार लगती है व बैंक बंद होने के बाद ही समाप्त होती है. 500 व एक हजार का नोट प्रतिबंधित होने के बाद लोगों के सामने चेंज की समस्या हो गयी है. इस का प्रभाव व्यवसाय सहित आम जनों पर पड़ रहा है. एक ओर व्यवसायियों के व्यवसाय की गति कम हो गयी है तो दूसरी ओर लोगों को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है. आरंभ में दुकानदारों के द्वारा ग्राहकों को उधार दिया गया पर अब दुकानदार भी लोगों को उधार देने से कत्तराने लगे है.
अब ग्राहक को समान देने से पहले दुकानदार यह पूछ लेते है कि चेंज है ना. 500 या एक हजार का नोट देखते ही दुकानदारों के चेहरे बदल जा रहा है. हलांकि ऐसी स्थिति में दुकानदार को हानी हो रही है. उनके समान की विक्री नही हो रही है, फिर भी दुकानदार ग्राहकों को वापस करने को मजबूर है. इससे आम जन प्रभावित हो रहा है. सब्जी, दवा, मोबाइल रिचार्ज आदी दुकानों पर यह समस्या आम हो गयी है. कारण कि पहले से रखे गये 100, 50 व 10 के नोट से अब तक काम चला पर अब यह भी खत्म हो गेया है. मोबाइल चार्ज की दुकानदार मोनु कुमार व किराना दुकानदार झोटी प्रसाद का कहना है कि चेंज नहीं होने से उनका व्यवसाय आधा हो गया है. थोक दुकानदार भी 500 व एक हजार का नोट नहीं ले रहे हैं.
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