जिले में मात्र 69 नलकूप चालू
Updated at : 17 Jan 2016 3:58 AM (IST)
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महंगे दामों पर निजी पंपिंग सेट से हो रही पटवन मोतिहारी : जिले के किसानों के समक्ष सिंचाई एक अहम समस्या बनकर रह गयी है.नलकूपों के बंद होने से एक तरफ जहां गेहूं व मक्का समेत कई फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है तो दूसरी तरफ निजी पंपिंग सेट वाले उनका जमकर दोहन कर […]
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महंगे दामों पर निजी पंपिंग सेट से हो रही पटवन
मोतिहारी : जिले के किसानों के समक्ष सिंचाई एक अहम समस्या बनकर रह गयी है.नलकूपों के बंद होने से एक तरफ जहां गेहूं व मक्का समेत कई फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है तो दूसरी तरफ निजी पंपिंग सेट वाले उनका जमकर दोहन कर रहे हैै.
इस बार बारिश नहीं होने से उनके समक्ष अन्य कई चुनौतियां भी उनके समक्ष उत्पन्न हो रही है. सिंचाई का कोई ठोस संसाधन नहीं होने से जिले के किसान निजी पंपिंग सेट से अपनी खेती में पटवन कर रहे हैं.विभाग से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार,जिले में करीब पौने सात सौ नलकूप तो है लेकिन उसमें से मात्र छह दर्जन के करीब ही चालू है.
जबकि पौने छह सौ के करीब बंद हैं और क्षेत्रों में शोभा की वस्तु बनकर रह गये हैं. इन नलकूपों में 264 राजकीय है जबकि 381 नाबार्ड के हैं. यहां बतातें चलें कि जिले के बंजरिया, छौड़ादानो,कोटवा, तुरकौलिया, बनकटवा,आदि प्रखंडों के क्षेत्रों में नलकूप लगाये गये हैं. बंद होने से उसके कई यंत्रों में जंग लग गया है.
बिजली नहीं मिलने से हैं बंद
नलकूप विभाग के अधिकारी इस बाबत बताते हैं कि बिजली की कमी के कारण इस तरह की स्थिति बनी हुई है.विभाग को कई बार प्रतिवेदन भेजा जा चुका है.
200 हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है प्रभावित
सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने से करीब दो सौ हेक्टेयर भूमि पर लगी फसल प्रभावित होती है.किसान सिंचाई के कारण गेहूं व मक्का की खेती छोड़ देना ही मुनासिब समझते हैं.जिले के बंजरिया, छौड़ादानो, तुरकौलिया,कोटवा आदि प्रखंडों में किसान गेहूं की खेती अधिक करते हैं.
सिंचाई से जुड़े सभी संसाधनों का शीघ्र होगा सर्वे
सिंचाई कार्य से जुड़े सभी संसाधनों का शीघ्र सर्वे होगा. विभागीय स्तर पर इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.इसके लिए राज्य स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण पांच व छह जनवरी को हुआ जिसमें पूर्वी चंपारण जिले से जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सोमेश्वर प्रसाद ने पूर्वी चंपारण की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त किया.प्रशिक्षण में संसाधनों का डाटा तैयार करने व किसान कैसे खेतों में सिंचाई कर पा रहे हैं उसका आंकलन करने का निर्देश दिया गया.सर्वे के बाद सरकार को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा.
सर्वे के लिए जिला व अनुमंडल स्तर पर होगा प्रशिक्षण
सभी संसाधनों बंद व चालू नलकूपों, झीलों, तालाबों व नदियों के सर्वे के लिए जिला व अनुमंडल स्तर पर अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस बाबत तैयारी शुरू कर दी गयी है.
अनुमंडल स्तर पर सभी प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.इसके लिए विभागीय आदेश के आलोक में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.प्रशिक्षण के बाद प्रगणकों को अलग से एक संचिका व मार्ग दर्शिका दी जाएगी.
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