वार्ता के नाम पर मधेिशयों से धोखा

Updated at : 05 Oct 2015 1:39 AM (IST)
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वार्ता के नाम पर मधेिशयों से धोखा

रक्सौल : भारत से लगने वाली सभी प्रमुख नाकों पर मद्येशी दलों के द्वारा की गयी आर्थिक नाकेबंदी 11 दिन भी जारी रहीं. वहीं रविवार को मद्येश के आंदोलन को लेकर जारी आंदोलन भी 50 दिन का हो गया है. बीते 50 दिनों ने नेपाल मधेशी इलाकों से 22 जिलों में मधेशी लोग नेपाल के […]

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रक्सौल : भारत से लगने वाली सभी प्रमुख नाकों पर मद्येशी दलों के द्वारा की गयी आर्थिक नाकेबंदी 11 दिन भी जारी रहीं. वहीं रविवार को मद्येश के आंदोलन को लेकर जारी आंदोलन भी 50 दिन का हो गया है.

बीते 50 दिनों ने नेपाल मधेशी इलाकों से 22 जिलों में मधेशी लोग नेपाल के संविधान में अपने हक व अधिकार के लिए लड़ रहे है. जबकि बीतें 11 दिनों से भारत-नेपाल मैत्री पूल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी मांगों के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खीचने का प्रयास कर रहे हैं.

रविवार को भी हजारों की संख्या में गांव-गांव से आये मधेशी लोग पूल पर नाकेबंदी कर प्रदर्शन को जारी रखे हुये है.
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा व संघीय समावेशी मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में नो-मेंस लैंड पर जारी आर्थिक नाकेबंदी के 11 वे दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सद्भावना पार्टी के राजेन्द्र महतो ने कहा कि नेपाल सरकार वार्ता के नाम पर मधेश के लोगों को धोखा दे रही है. सरकार वार्ता की बात कर रही है. लेकिन वार्ता के नाम पर मजाक हो रहा है.
वार्ता की तो जरूरत ही नहीं है, हमारी मांग जग-जाहिर है. नेपाल सरकार मांग को पूरा करें और हम आंदोलन को रोक देगें.आंदोलन को सफल बनाने के लिए निजामुदिन समानी, ईमदाद गद्दी, राजेश साह, शिव पटेल, कृष्णा प्रसाद कुर्मी, धर्मेन्द्र पटेल, शशिकपूर मियां, श्रीराम गिरि, विजय पटेल, सुजीत त्रिपाठी, शिवचन्द्र प्रसाद कुशवाहा, महराज यादव, अनिता रौनियार, मोहम्द इमदाद, दशरथ कुर्मी, जय प्रकाश यादव आदि लोग सहयोग कर रहे है.
11 दिनों से जारी आर्थिक नाकेबंदी में आधी आबादी के साथ-साथ युवाओं की भी काफी संख्या बढ़ोतरी हुयी है. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं भी आंदोलन के समर्थन में पुल पर धरने में बैठी है. इसके साथ युवा भी आंदोलन को समर्थन कर रहे है.
शिफ्ट में आ रहे हैं लोग
दिन और रात के समय आंदोलन में आने के लिए मधेश के गांव-गांव में शिफ्ट का निर्धारण किया गया है. वार्ड के हिसाब से लोग आंदोलन में दिन और रात में भाग लेने के लिए आ रहे है. आंदोलन में भाग लेने के लिए आ रहे है.
पूर्ण रूप से बंद है बॉर्डर
मधेशी दलों के आंदोलन के कारण बॉर्डर पूर्ण रूप से बंद है. रक्सौल से 25 किलोमीटर से अधिक दूरी तक वाहनाें की कतार लगी है. जबकि उसी प्रकार नेपाल में भी पथलैया तक वाहनों की कतार लगी हुयी है. भारतीय कस्टम और नेपाल कस्टम में किसी प्रकार काम बीते 11 दिनों से नहीं हो पाया है.
रविवार को भी अन्य दिनों की तरह विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा प्रदर्शनकारियों के बीच फल व जुस का वितरण किया गया. संघीय समाजवादी फोरम के मुस्तुफा अंसारी, शेख मुन्ना, शमशाद आलम, रोशन गुप्ता आदि लोगों के द्वारा प्रदर्शनकारियों के बीच फल व जुस का वितरण किया गया.
आर्थिक नाकेबंदी को रविवार को पर्सा जिला के नीजि स्कूल एशोसियसन का भी समर्थन मिल गया. एशोसियशन के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के समर्थन का एलान कर प्रदर्शन में भाग लिया.
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