धान खरीद में तीन हजार करोड़ से हुए वंचित किसान: राधामोहन
Updated at : 27 May 2015 8:35 AM (IST)
विज्ञापन

मोतिहारी : बिहार में नीतीश-लालू मिलन से अपराधियों का हौसला बढ़ा है़ विकास की बात करनेवाले नीतीश कुमार आतंक राज लौटाने के लिए लालू प्रसाद के साथ हो गये हैं. ये बातें केंद्रीय कृषि मंत्री सह भाजपा सांसद राधमोहन सिंह ने एक साल का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए मोतिहारी नगर भवन में सोमवार को […]
विज्ञापन
मोतिहारी : बिहार में नीतीश-लालू मिलन से अपराधियों का हौसला बढ़ा है़ विकास की बात करनेवाले नीतीश कुमार आतंक राज लौटाने के लिए लालू प्रसाद के साथ हो गये हैं. ये बातें केंद्रीय कृषि मंत्री सह भाजपा सांसद राधमोहन सिंह ने एक साल का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए मोतिहारी नगर भवन में सोमवार को कही़
उन्होंने कहा कि साढ़े सात साल (जदयू-भाजपा सरकार) और दो साल भाजपा छोड़ अन्य के साथ बिहार में चल रही जदयू सरकार में किसान विरोधी चेहरा सामने आया है़ धान की खरीद में बिहार सरकार फि सड्डी साबित हुई और किसान आत्महत्या पर मजबूर हुए़ 30 लाख मीटरिक टन धान की खरीद का लक्ष्य था, जिसमें मात्र 18 लाख एमटी धान खरीद पायी है
सरकाऱ परिणामत: किसान तीन हजार करोड़ रुपये से वंचित हो गय़े भुगतान के मद में सरकार के पास किसानों का 1500 करोड रुपये बकाया है़ गंठबंधन टूटने के बाद प्रशासन पूरी तरह पंगु हो गया है़ बहुमत की जुगाड़ में लगी सरकार का प्रशासन से नियंत्रण समाप्त हो गया है़
कानून व्यवस्था बिगड़ी
15 सालों के जंगलराज के खात्मे में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन यह क्या़ मात्र दो साल के भीतर ही लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था चरमरा गयी है़ केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि नीतीश व लालू प्रसाद जब से एक हुए है तब से अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं.
बिहार आतंकवाद और नक्सलवाद की गिरफ्त में है़ प्रदेश में फि रौती के लिए अपहरण की घटनाओं में वृद्धि हुई है़ यहां पहली बार पत्नी समेत डॉक्टर का अपहरण हुआ़ उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार एनडीए सरकार बनने के पहले सन 2005 में जहां बलात्कार की 973 घटनाएं दर्ज हुई थी, वहीं भाजपा से गंठबंधन टूटने के बाद वर्ष 2013 में 1128 और 2014 में 1127 घटनाएं घटी है़ मार्च 2015 तक यह आंकड़ा 233 का है़
पत्रकारिता मजबूत स्तंभ
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने मोतिहारी नगर भवन में रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए मीडिया की सराहना की़उन्होंने कहा कि मीडिया के बदौलत ही 1974 में शुरू जेपी आंदोलन के माध्यम से देश दूसरी गुलामी से मुक्त हुआ था और आज भी मीडिया ही देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की समस्याओं से लोगों को अवगत करा रही है़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




