बेटे-बेटियों में अंतर करना शर्म की बात
Updated at : 17 Oct 2014 7:08 AM (IST)
विज्ञापन

मोतिहारी में अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा पताही/पकड़ीदयाल (पूंचं) : मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि महात्मा गांधी की कुरबानी से राजनीतिक आजादी तो मिली, लेकिन अब भी सामाजिक व आर्थिक आजादी मिलनी बाकी है. जब तक सामाजिक व आर्थिक आजादी नहीं मिल जाती, तब तक हम विकास के पथ पर आगे नहीं […]
विज्ञापन
मोतिहारी में अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा
पताही/पकड़ीदयाल (पूंचं) : मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि महात्मा गांधी की कुरबानी से राजनीतिक आजादी तो मिली, लेकिन अब भी सामाजिक व आर्थिक आजादी मिलनी बाकी है. जब तक सामाजिक व आर्थिक आजादी नहीं मिल जाती, तब तक हम विकास के पथ पर आगे नहीं होंगे.
वे गुरुवार को ढाका के रूपौलिया गांव में नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा, हमें ऊं च-नीच, हिंदू-मुसलिम, अमीर-गरीब के झगड़ों से बाहर आना होगा. हम सभी हिंदुस्तानी हैं. आपसी भेदभाव मिटा कर ही हम सूबे में रामराज स्थापित कर सकते हैं.
कहा, गरीब शिक्षित होंगे, तभी आर्थिक आजादी मिलेगी. बेटे-बेटियों में अंतर करना शर्म की बात है. यह विकास में सबसे बड़ा बाधक है. बिना शिक्षा के आदमी राक्षस के समान होता है. उन्होंने गरीबों को नशा त्याग कर उन पैसों से बच्चों के लिए दवा व किताबें खरीदने की बात कही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




