घोड़ासहन तालाब किनारे बन रहीं दुकानें टूटेंगीं हाइकोर्ट का आदेश

Updated at : 01 Sep 2018 1:48 AM (IST)
विज्ञापन
घोड़ासहन तालाब किनारे बन रहीं दुकानें टूटेंगीं हाइकोर्ट का आदेश

पर्यावरण विभाग के जांच रिपोर्ट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान अब्दुल सलाम ने मार्च 2017 में दायर की थी याचिका मोतिहारी : घोड़ासहन में परिषदीय भूमि के तालाब किनारे बन रही दुकान निर्माण मामले में हाइकोर्ट के आदेश से जिप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है. न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षा को गंभीरता से लेते हुए […]

विज्ञापन

पर्यावरण विभाग के जांच रिपोर्ट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

अब्दुल सलाम ने मार्च 2017 में दायर की थी याचिका
मोतिहारी : घोड़ासहन में परिषदीय भूमि के तालाब किनारे बन रही दुकान निर्माण मामले में हाइकोर्ट के आदेश से जिप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है. न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षा को गंभीरता से लेते हुए निर्माणाधीन दुकानों को तोड़ने का फरमान जारी किया है. साथ ही चेतावनी दी है कि नदी, तालाब, पोखर, पइन के स्वरूप में बदलाव नहीं करने का सुप्रीम काेर्ट का आदेश है. ऐसे में दुकान तोड़ने के बाद भी नया अतिक्रमण नही हो, इसकी भी गारंटी देने का निदेश डीएम को दिया है. जानकारी के अनुसार सात समूह में 27 दूकानों का निर्माण तलाब के खाता संख्या 363, प्लांट नंबर 2583, 84,85 डिसमिल पर जिप द्वारा तालाब का अतिक्रमण कर दुकान भवन का निर्माण कराया जा रहा था. मामले की शिकायत घोड़ासहन बाजार के अब्दूल सलाम ने उच्च न्यायालय में मार्च 2017 में जनहित याचिका दायर की.
मामले में सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने फौड़ी कार्रवाई में पहले चल रहे निर्माण कार्य को अविलंब रोकने का आदेश दिया था. बावजूद इसके आदेश की अनदेखी कर जिप प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया. मामले को लेकर वादी ने छाया चित्र के साथ उच्च न्यायालय को साबूत पेश की. जिसकी एक कॉपी डीडीसी को भी उपलब्ध कराया था. कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन को तलाब के प्रदूषण संबंधी जांच कर रिपोर्ट मांगी. मामला सही पाये जाने पर कोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सरकार से पुछा कि तालाब में किसके आदेश पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है. मामले पर आगे सूनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अंतरिम फैसला सूनायी है. न्यायालय ने जिलाधिकारी को पत्र लिख तलाब में किये गये निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया है.
2017-18 की है दुकान निर्माण की योजना : पोखर की अतिक्रमित भूमी को जिप प्रशासन अपना बताते हुए वर्ष 2017 में दुकान निर्माण की कार्य योजना बनायी. इसके तहत संबंधित तालाब की भूमि पर करीब 27 दुकान निर्माण का योजना है. इसके लिए दुकान भी लोगों को बंदोबस्ती की गयी है. इस पर तकरीबन 40 लाख रुपये तक खर्च होने की संभावना जतायी जा रही है. ऐसे में निर्मित दुकान तोड़ने पर जिप को लाखों रूपये राजस्व की क्षति होगी.
कार्यालय से बाहर रहने के कारण अभी आदेश का अध्ययन नहीं किया हूं. आदेश का अध्ययन करने के साथ माननीय न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जायेगा.
अखिलेश कुमार सिंह, कार्यपालक सह डीडीसी, जिप, पूर्वी चंपारण
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन