ePaper

Buxar News: मेंटनेंस के नाम पर खर्च हुआ 10 करोड़, फिर भी लोगों को नहीं मिल रहा नल का जल

Updated at : 04 Apr 2025 5:25 PM (IST)
विज्ञापन
Buxar News: मेंटनेंस के नाम पर खर्च हुआ 10 करोड़, फिर भी लोगों को नहीं मिल रहा नल का जल

मेंटेनेंस के नाम पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जिले के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है.

विज्ञापन

बक्सर

. गर्मी की शुरुआत के साथ ही पीएचइडी की लापरवाही सामने आने लगी है. मेंटेनेंस के नाम पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जिले के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है.बंद पड़ा नल जल आपूर्ति, विभाग के दावों की पोल खोलना शुरू कर दिया है. प्रभात खबर की टीम जब शुक्रवार को जिले के कई पंचायतों में भ्रमण किया तो पता चला कि कहीं साल भर से तो कहीं पांच माह से बंद पडा है. जबकि पीएचइडी का दावा है जिले के सभी पंचायत में नल जल की टंकी से सुचारू रूप से पीने योग्य आर्सेनिक मुक्त पानी पहुंचाया जा रहा है. लेकिन जब प्रभात खबर की टीम सदर प्रखंड के करहंसी पंचायत के वार्ड नंबर छ:ह में पहुंची तो पाया कि छोटे मोटे खराबी के कारण नल का जल बंद है. वही रहसीचक पंचायत के हुकंहा गांव में वार्ड नंबर 13 में भी पाया गया कि लगभग एक साल से नल का जल बंद है. जबकि अनुरक्षक जगनरायण राम ने बताया कि विद्युत विभाग के द्वारा 20 मार्च 2023 को स्मार्ट मीटर लगा दिया गया. लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के कुछ दिन चला. उसके बाद 27 मई 2023 को 15 सौ रुपये का रिचार्ज किया गया था तो कुछ दिन तक चला लेकिन बिल जमा नहीं करने के कारण एक साल से अधिक से यहां पेयजलापूर्ति बंद है. जिसकी सूचना कई बार पंचायती राज्य के विभागीय अधिकारी से लेकर पीएचइडी के अधिकारी की मौखिक रुप से दिया गया है. मगर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. वही बरुना पंचायत के निधुआ गांव के 13 और 14 वार्ड का नल जल का टंकी भी बंद पड़ा है. वही ब्रहमपुर प्रखंड के काट पंचायत के वार्ड नंबर दो में भी नल जल बंद है. जबकि पीएचइडी विभाग का दावा है कि जिलेभर में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है. बंद पड़ा जल आपूर्ति, विभाग के दावों का पोल खोल रहा है. मगर विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. कई क्षेत्रों में पाइपलाइन लीकेज और मोटर फेल्योर जैसी समस्याओं के चलते जलापूर्ति ठप है. लिहाजा गर्मी में लोगों को कैसे मिलेगा पानी. इस संकट के कारण ग्रामीण इलाकों के लोग टैंकरों और निजी बोरवेल पर निर्भर हो गए हैं.स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, गर्मी बढ़ते ही जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है. ग्रामीणों ने अधिकारियों से नल जल टंकियों की मरम्मत करने और उन्हें जल्द से जल्द चालू करने की मांग की है.

क्या कहते हैं अधिकारीपीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनहोंने कहा कि मेरे जानकारी में कहीं नल जल योजना का टंकी बंद नहीं है. अगर कहीं बंद हो गया है तो उसे एक से दो दिन में चालू करा दिया जाएगा.

कार्यपालक अभियंता पीएचइडी

राहुल कुमार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAVIRANJAN KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

RAVIRANJAN KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन