बक्सर में पंचायत चुनाव से पहले फर्जी आरक्षण रोस्टर वायरल, बीडीओ बोले- अफवाहों पर न करें भरोसा

Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव से पहले राजपुर प्रखंड में सोशल मीडिया पर फर्जी आरक्षण रोस्टर वायरल हो गया। बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने इसे भ्रामक बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की.
Panchayat Election 2026: बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड के सभी 19 पंचायतों में आगामी कुछ महीनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देशानुसार हाल ही में प्रशासन द्वारा केवल जनसंख्या के प्रारूप का आधिकारिक प्रकाशन किया गया है. लेकिन इस बीच, कुछ अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है, जिससे पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है.
अनारक्षित सीटों को आरक्षित दिखाने से बढ़ा विवाद
इस वायरल हो रहे फर्जी रोस्टर में पहले से निर्धारित अनारक्षित (सामान्य) पदों को सोची-समझी साजिश के तहत अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित दर्शाया गया है. यह भ्रामक और झूठी सूचना देखते ही देखते डिजिटल माध्यमों से सभी 19 पंचायतों में आग की तरह फैल गई और वर्तमान में यह हर गांव की चाय दुकानों पर तीव्र चर्चा और आपसी विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु बन गई है. कई संभावित उम्मीदवारों में सीट बदलने की अफवाह से बेचैनी बढ़ गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी हड़कंप मच गया है.
बीडीओ ने वायरल सूची का किया पूर्ण खंडन
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए राजपुर के बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने इस वायरल खबर का पूरी तरह से खंडन किया है और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अभी तक जिला या प्रखंड प्रशासन द्वारा केवल जनसंख्या के प्रारूप का ही प्रकाशन किया गया है. चुनाव के लिए आरक्षण से संबंधित कोई भी आधिकारिक रोस्टर अभी तैयार ही नहीं हुआ है. सोशल मीडिया पर जो सूची धड़ल्ले से प्रसारित की जा रही है, वह पूरी तरह से मनगढ़ंत, फर्जी और गलत है.
साइबर टीम के सहयोग से उपद्रवियों की खोज जारी
बीडीओ ने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक बातों, अनधिकृत सूचियों और असामाजिक अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें. प्रशासन की विशेष साइबर टीम के सहयोग से इस डिजिटल शरारत की गहन जांच की जा रही है और अफवाह फैलाने वाले मुख्य स्रोतों का पता लगाया जा रहा है. प्रखंड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक आरक्षण रोस्टर पूर्णतः नियमानुसार तैयार होने के बाद ही केवल विश्वसनीय सरकारी माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, इसलिए किसी भी बाहरी लिंक पर विश्वास न करें.
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