कोरानसराय पंचायत के वार्ड संख्या 13 के दखिनावं गांव में तीन सालों से बंद पड़े हैं चापाकल

Updated at : 16 Apr 2025 9:36 PM (IST)
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कोरानसराय पंचायत के वार्ड संख्या 13 के दखिनावं गांव में तीन सालों से बंद पड़े हैं चापाकल

ल जल योजना से तो लोगों को पेयजल आपूर्ति हो रही है. सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल जल की व्यवस्था भी की है.

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डुमरांव़ नल जल योजना से तो लोगों को पेयजल आपूर्ति हो रही है. सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल जल की व्यवस्था भी की है. लेकिन गर्मी में हलक तर करने के लिए सरकारी चापाकल ही सहारा बनता है. परंतु सरकारी चापाकल के बंद होने से काफी संख्या में लोगों को ठंडा पानी पीने के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है. जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. प्रखंड के कोरानसराय पंचायत स्थित वार्ड 13 के दखिनावं गांव में दो जगहों पर लगे सरकारी चापाकल करीब तीन वर्ष से मरम्मत के अभाव में बंद पड़ा हुआ है. जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि कोरानसराय पंचायत स्थित वार्ड 13 में दो जगहों पर मरम्मत के अभाव में वर्षों पहले लगाया गया सरकारी चापाकल बंद पड़ा हुआ है. जिसे आज तक नहीं बनाया गया, लोगों ने बताया कि यह चापाकल गांव के अमरेंद्र दूबे के घर के समीप और दूसरा संतोष कानू के घर के समीप खराब पड़ा हुआ है. ग्रामीणों ने बताया कि जब गर्मी का मौसम आता है तो लोगों को ठंडे पानी को लेकर इसकी जरूरत महसूस होने लगती है. इस दौरान चापाकल के बंद होने के कारण लोगों को हलक तर करना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी इन दोनों चापाकल को मरम्मत कराने के लिए पीएचइडी विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गयी, लेकिन आज तक इन दोनों चापाकलों को नहीं बनाया गया, जब कि गर्मी का असर दिन पर दिन बढ़ रहा है. बंद पड़े सरकारी चापाकल के कारण बुजुर्गों तथा नौजवान सहित अन्य राहगीरों को भी ठंडा पानी पीने के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है. वहीं अनजान राहगीरों को जब यह खराब पड़ा चापाकल दिखाई देता है तो चापाकल से पानी निकलने के बदले सांय-सांय कर के रह जाता है. जिसके चलते लोग बिना पानी पिये बैरंग लौट जाते हैं. इस समस्या को लेकर दखिनावं गांव के ग्रामीणों ने बंद पड़े चापाकल को पीएचइडी विभाग के अधिकारियों से शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है. क्या कहते हैं ग्रामीण वार्ड 13 में दो जगहों पर तीन वर्षों से सरकारी चापाकल बंद पड़ा हुआ है. जो मरम्मत की बाट जोह रहा है. ताकि गर्मी में हलक तर करने का सहारा बन सके. संतोष दूबे, ग्रामीण बंद पड़े सरकारी चापाकल के चलते सैकड़ों लोग की परेशानी बढ़ गयी है. जब कि इसी रास्ते अन्य राहगीरों का भी आवागमन होता है. छोटक कानू, ग्रामीण सरकारी चापाकल से हीं लोगों की प्यास बुझती है, लोकिन चापाकल बंद होने के कारण तीन वर्ष से ठंडा पानी पीना मुश्किल हो गया है. दीपक शाह, ग्रामीण गर्मी को देखते हुए बंद पड़े सरकारी चापाकल की मरम्मत शीघ्र जरूरी है, ताकि लोगों को पेयजल के लिए मुश्किलों का सामना ना करना पड़े. अमरेंद्र दूबे, ग्रामीण

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