Buxar News: नीलगाय-जंगली सूअर के आतंक से किसानों को मिलेगी मुक्ति
Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 31 Mar 2025 9:56 PM
Buxar News: गैर जंगल क्षेत्र में फसल बर्बाद करने व जान-माल की क्षति पहुंचाने वाले घोड़परास नीलगाय और जंगली सूअर को मारने का प्रावधान है
बक्सर
. गैर जंगल क्षेत्र में फसल बर्बाद करने व जान-माल की क्षति पहुंचाने वाले घोड़परास नीलगाय और जंगली सूअर को मारने का प्रावधान है. नीलगाय और जंगली सुअर को मारने के लिए किसान संबंधित ग्राम पंचायत की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.मुखिया को लिखित आवेदन दे सकते हैं. नीलगाय और जंगली सुअर को मारकर उसके शव का निष्पादन किया जाना है. ग्राम पंचायत मुखिया को खेती बर्बाद करने वाले नीलगाय और जंगली सूअर को मारने का आदेश देने का अधिकार दिया गया है. जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश शंकर राय ने बताया कि पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन विभाग व पंचायती राज विभाग ने संयुक्त रूप से इस संबंध में निर्देश पत्र जारी किया है. जिसके अनुसार पंचायती राज विभाग बिहार के पोर्टल gp.bihar.gov.in पर नीलगाय व जंगली सूअर को मारने के लिए किसान आवेदन कर सकते हैं. वेबसाइट पर क्लिक करने पर होम पेज खुलेगा. इसके बाद क्लिक करने पर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर घोड़परास एवं जंगली सूअर मारने के लिए आवेदन करें दिखेगा, इस पर क्लिक करने पर स्क्रीन बोर्ड पर आवेदन पत्र दिखेगा, आवेदन के लिए मांगी गयी सूचना जिसमें जिला, अनुमंडल, प्रखंड, अंचल का नाम, पंचायत का नाम, गांव, मौजा का नाम, नीलगाय व जंगली सूअर की संख्या, आवेदक का नाम, पिता का नाम, पता, दूरभाष संख्या, व्यवसाय आदि भरने के बाद आवेदन पत्र का पीडीएफ तैयार कर अपलोड कर सबमिट करना है.आवेदन पत्र स्वतः संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया के लॉगिन पर दिखेगा. मुखिया को आइडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है.मुखिया आवेदक की प्रति डाउनलोड कर शूटर को ऑनलाइन भेजेगा. इसके बाद पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन विभाग लॉगिन से शूटर लिस्ट के अनुसार शूटर को आवेदन चला जायेगा. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसान को इस संबंध में जागरूक किया जाएगा.जबकि इसमें मुखिया को सहयोग करना होगा. जिले के लगभग कई एकड़ में प्रतिवर्ष किसान को फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. सरकार के इस पहल से उन्हें राहत मिलने की आस जगी है.नीलगाय व जंगली सूअर पर कितनी राशि होगी खर्च : एक नीलगाय व जंगली सुअर पर पंचायती राज्य विभाग के द्वारा 19 सौ रुपये खर्च किए जाएंगे. 1900 सौ में 750 रुपये शूटरों को मिलेंगे शिकार पर वही 1200 रुपये शव दफन करने पर मिलेंगे. पंचायती राज विभाग चिन्हित शुटर को आवेदन की प्रति भेज देगा. वही इसका भुगतान 15 वें वित्त आयोग की राशि से करेंगे भुगतान शूटर को सात सौ पचास रुपये का भुगतान मुखिया 15 वीं वित्त आयोग की राशि से करेंगे.इसके बाद जानवर के शव को दफनाया जाएगा.इसमें लिए पंचायती राज विभाग ने 12 सौ पचास रुपये की राशि निर्धारित कर दी है. इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी विद्यानाथ पासवान ने बताया कि जिले के सभी मुखियों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है.
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