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गलत तरीके से सफाई एजेंसी हटाने पर शिक्षा विभाग सख्त

Updated at : 13 Dec 2025 10:19 PM (IST)
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गलत तरीके से सफाई एजेंसी हटाने पर शिक्षा विभाग सख्त

जिले में सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम निदेशक प्रशासन के पत्र के बाद लगने की उम्मीद है.

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बक्सर. जिले में सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम निदेशक प्रशासन के पत्र के बाद लगने की उम्मीद है. शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार ने जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश जारी किया है. भेजे गये पत्र में निदेशक (प्रशासन) ने कहा है कि विभाग के स्तर से चयनित सफाई एजेंसी को हटा दिया गया. उसके स्थान पर जिला से एजेंसी को चयन कर लिया गया था. मनमानी करने वाले अधिकारी को चिन्हित करते हुए उसके विरूद्ध आरोप पत्र भेजा जाए. मनमाने तरीके से जिस एजेंसी को कार्य दिया गया था. वहीं उस एजेंसी के कार्य का मूल्यांकन किया जाए. वहीं कार्य संतोषजनक पाये जाने पर उसके बिल का भुगतान किया जा सकता है. विभाग की ओर से जिस एजेंसी को चयनित करके कार्य के लिए भेजा गया था, नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के आधार पर उसका पक्ष सुना जाए. साथ ही स्पष्ट आदेश जारी किया जाए. ज्ञात हो कि वर्ष 2023 अगस्त-सितंबर में जिला के सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए पटना विभाग से तीन कार्य एजेंसी का चयन किया था. जिसमें दो एजेंसी कार्य करने के लिए नहीं आई. वहीं एक एजेंसी जेकेएसबी स्कील इंडिया को पांच प्रखंड आवंटित किया था. एजेंसी ने अपना कार्य शुरू कर दिया था. इसी बीच विभाग के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए तत्कालीन डीइओ अनिल द्विवेदी ने तीन प्रखंड का कार्य फर्स्ट इंडिया डिजिटल एजेंसी को दे दिया. इसका मामला जिला स्तरीय आयोजित दिशा की बैठक में भी उठाई गई थी. इसकी जांच को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों करायी गई थी. जिसमें भी गलत आवंटन पाया गया था. इसी बीच इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने डीएम को जांच के लिए पत्र भेजा. डीएम ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच करायी. जिसमें यह सामने आया कि 11 नवंबर 2023 को जेकेएसबी को स्पष्टीकरण भेजा गया था. वहीं दूसरी एजेंसी को 06 नवंबर 2023 को ही सहमती पत्र दे दिया गया था. इससे तत्कालीन डीईओ की नीजी हित में आदेश देने का पूरा मामला साफ हो गया था. जांच पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को लेकर विभाग से मार्ग दर्शन की मांग की थी. विभाग का मार्ग दर्शन भी प्राप्त हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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