ePaper

मिट्टी के दीप जलाकर मनाएं दीपावली, लोगों को किया गया जागरूक, मिट्टी का दीप किया वितरण

Updated at : 18 Oct 2025 10:43 PM (IST)
विज्ञापन
मिट्टी के दीप जलाकर मनाएं दीपावली, लोगों को किया गया जागरूक, मिट्टी का दीप किया वितरण

दीपावली उत्तरी गोलार्ध की शरद ऋतु में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक पौराणिक उत्सव है. यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है.

विज्ञापन

डुमरांव. दीपावली उत्तरी गोलार्ध की शरद ऋतु में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक पौराणिक उत्सव है. यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है और भारत के सबसे बड़े और सर्वाधिक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. उक्त बातें योग प्रशिक्षण डॉ संजय कुमार सिंह ने दीपावली को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए कही उन्होंने कहा कि

आध्यात्मिक रूप से यह अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है, दीपावली से एक दिन पूर्व शनिवार को योग प्रशिक्षण डॉ संजय कुमार सिंह ने लोगों को मिट्टी के दीप और मोमबत्ती का ही अधिक से अधिक प्रयोग करने की बात कही, ताकि पर्यावरण शुद्ध और अनुकूल रह सके. इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों के बीच मिट्टी के बने दीप भी वितरण किया और स्टेशन रोड, पुराना धर्मशाला, अपकारी गली सहित अन्य स्थानों पर लोगों को देशी वस्तुओं का प्रयोग करने पर जोर दिया, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके. साथ ही साथ बताया कि दीपावली पर्व के अवसर पर घर में दीप जलाना क्यों शुभ माना जाता है, उन्होंने कहा कि इसके लिए मंदिर, घर के मुख्य द्वार, रसोई और तुलसी के पौधे के पास लोग मिट्टी के दीप जलाएं, लोग दीप जलाने के लिए सरसों के तेल या घी का उपयोग करें और इन्हें विषम संख्या में जलाएं, एक दीप से दूसरे दीप को न जलाएं तथा जल रहे दीप को फूंक मारकर न बुझाएं. मौके पर नेहरू युवा विकास समिति, शांति महिला विकास समिति, विकास फैमिली क्लब सहित रघुबर सिंह, आशीष खरवार, प्रभाकर मिश्रा, लीलावती देवी, रीता देवी, सोनी सिंह, राजकुमार सिंह, प्यारे चंदन, प्रिंस ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद रहें.

कहां-कहां जलाएं दीप : पूजा शुरू करते समय सबसे पहले मंदिर में दीप जलाएं, वहीं सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाएं, ध्यान रहे कि दीप की लौ अंदर की ओर हो, वास्तु के अनुसार, जबकि रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में दीप रखने से स्वास्थ्य और भोजन की प्रचुरता सुनिश्चित होती है. साथ ही तुलसी के पास दीप जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-शांति बनी रहती है, उसके बाद घर के लिविंग रूम में भी दीपक जलाएं. दीप को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाना शुभ माना जाता है, वास्तु के अनुसार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) दीपक जलाने के लिए सबसे उत्तम है. दीप की संख्या विषम में होनी चाहिए, जैसे 5, 7, 9, 11, 21, 51 या 108 होनी चाहिए.

दीप को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाना शुभ माना जाता है, वास्तु के अनुसार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) दीपक जलाने के लिए सबसे उत्तम है. दीप की संख्या विषम में होनी चाहिए, जैसे 5, 7, 9, 11, 21, 51 या 108 होनी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन