Buxar Weather News: घने कोहरे से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, आलू एवं टमाटर पर पड़ सकता है पाला

घने कोहरे व गलन से किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी है. कोहरे के कारण जनजीवन के साथ ही फसलों की रंगत भी फीकी पड़ने लगी है. जहां एक ओर टमाटर, आलू को घने कोहरे एवं पाला से ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है. अत्यधिक ठंड की वजह से आलू एवं टमाटर पर झुलसा रोग का प्रभाव कायम हो सकता है.
घने कोहरे व गलन से किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी है. कोहरे के कारण जनजीवन के साथ ही फसलों की रंगत भी फीकी पड़ने लगी है. जहां एक ओर टमाटर, आलू को घने कोहरे एवं पाला से ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है. अत्यधिक ठंड की वजह से आलू एवं टमाटर पर झुलसा रोग का प्रभाव कायम हो सकता है. घने कोहरे से किसानों की बढ़ी मुश्किलें से जुड़ी हर News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.
वहीं दूसरी ओर सरसो, अरहर, चना, मटर जैसी फसलें भी ठंड की चपेट में आ सकती है. किसान फसलों की पैदावार को लेकर काफी चिंतित हैं. दिन-प्रतिदिन तापमान में गिरावट आने से सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है. कई दिनों से सुबह के समय सब्जियों की फसल पर घने कोहरे की वजह से पानी की बूंदे जम रहा है. इससे आलू, मटर, टमाटर सहित अन्य फसलें प्रभावित हो रही है. फसल खराब होने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. जिले में डुमरांव, सिमरी तथा ब्रह्मपुर के एक बड़े भूभाग में क्षेत्र की बड़ी आबादी सब्जियों की खेती पर निर्भर है. ऐसे में फसल खराब होने की चिंता किसानों के चेहरे पर दिखायी दे रही है.
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि सब्जी व चारे की फसलों को नियमित पानी दें. जिन फसलों में यूरिया की खुराक देनी बाकी है उसे भी पूरा कर दें. पानी कोहरे के असर को कम कर देता है. जिससे फसल को नुकसान नहीं होता है. वहीं फसलों को पाला से बचाने के लिये खेत की मेड़ों पर किसान धुआं कर दे. जिससे आसपास कोहरे का प्रभाव कम होगा. जिससे फसलों को कम नुकसान होगा.
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पाला पड़ने से आलू एवं टमाटर फसलों को अधिक नुकसान होता है. फसल की पत्तियों के अंदर पानी जमने लगता है. जिससे पत्तियां फट जाती है. पतियों के फटने के बाद इस पर फफूंद का आक्रमण होने लगता है. इससे पत्तियों पर झुलसा का प्रकोप दिखायी देने लगता है. वहीं पाला का अवसर होने पर आलू में लगने वाले कंद एवं टमाटर में लगने वाले फूलों की कमी हो जाती है. फसल का अग्रभाग पूरी तरह सिकुड़ कर सूखने लगता है. जिससे फसल का विकास रूक जाता है. जिससे उत्पादन काफी प्रभावित हो जाता है.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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