बक्सर में बिजली संकट: 10 दिनों से अंधेरे में कोनौली गांव, जर्जर तार और ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 26 May 2026 5:27 PM
प्रदर्शन करते लोग
Buxar News: बक्सर के राजपुर प्रखंड के कोनौली गांव में पिछले 10 दिनों से बिजली गुल रहने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने जलहरा और राजपुर बिजली कार्यालय पर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि आंधी में जर्जर तार और पोल टूट गए हैं और ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर खराब रहता है, जिससे पेयजल का संकट खड़ा हो गया है. मामले में कनीय अभियंता ने जल्द ही जर्जर तार बदलने और नए ट्रांसफार्मर के लिए वरीय अधिकारियों को लिखने का आश्वासन दिया है.
Buxar News (पंकज कमल): बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत कोनौली गांव के ग्रामीणों का बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. पिछले दस दिनों से गांव में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से नाराज ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. गांव के प्रबुद्ध नागरिक विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष उपभोक्ताओं ने जलहरा एवं राजपुर स्थित बिजली विभाग के कार्यालयों पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की.
आंधी-पानी ने बढ़ाई आफत, पेयजल और पशुचारे के लिए मची त्राहि-त्राहि
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि कोनौली गांव के दूसरे मोहल्ले के पुल से लेकर कुशवाहा बस्ती तक जाने वाली विद्युत आपूर्ति लाइन के तार और खम्भे (पोल) बरसों से अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं. इसको लेकर कई बार बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ. इसी बीच, विगत दिनों क्षेत्र में आई तेज आंधी और पानी के कारण यह जर्जर तार और पोल टूटकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई.
उमस भरी इस तपती गर्मी में बिजली न रहने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. गांव के अधिकतर घरों में लगे मोटर वाले चापाकल पूरी तरह बंद हैं, जिससे पेयजल का घोर संकट खड़ा हो गया है. स्थिति यह है कि लोगों को पीने के पानी के साथ-साथ मवेशियों के लिए चारा-पानी का इंतजाम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि यदि कभी-कभार बेहद कम समय के लिए बिजली आती भी है, तो वोल्टेज इतना लो (कम) रहता है कि उससे पानी का मोटर चलना या अन्य कोई काम होना संभव नहीं है. गांव में सिर्फ एक ट्रांसफार्मर होने के कारण उस पर क्षमता से अधिक लोड रहता है, जिससे वह आए दिन फुंक जाता है.
कनीय अभियंता ने दिया आश्वासन, जल्द सुधरेगी व्यवस्था
कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान जब ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने विद्युत कनीय अभियंता (JE) से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया, तो उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया. जेई ने भरोसा दिया कि क्षतिग्रस्त व जर्जर तारों तथा बिजली के खम्भों को शीघ्र ही बदलवा दिया जाएगा ताकि आपूर्ति बहाल हो सके. इसके साथ ही, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर की समस्या को दूर करने के लिए एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर वरीय पदाधिकारियों को सूचित कर आवश्यक प्रस्ताव भेजा जाएगा.
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से मोतीलाल सिंह, अखिलेश सिंह, लकी बाबा, अंगद सिंह, विनोद सिंह, बकेस सिंह, अभय सिंह, मंटू सिंह, विजय सिंह, सुमित कुमार सिंह, ललन शर्मा, संजय शर्मा, गजेंद्र सिंह, सूबेदार सिंह, जितेंद्र शर्मा के अलावा गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपभोक्ता मौजूद रहे.
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