बक्सर: डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में 20 बेड की यूनिट में सिर्फ एक डॉक्टर, शौचालयों की बदहाली भी आई सामने

Author Sujeet Kumar|Edited by Vivek Singh
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अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण करते विधायक | Prabhat Khabar Network

डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में 20 बेड वाली नवजात शिशु इकाई (MNCU) में केवल एक डॉक्टर होने से विधायक राहुल कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने शौचालयों की बदहाली और साफ-सफाई की कमी पर भी नाराजगी जताई.

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Buxar News : स्थानीय विधायक राहुल कुमार सिंह ने शनिवार को डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, वार्डों और नवजात शिशुओं के उपचार के लिए स्थापित मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) का जायजा लिया. आधुनिक संसाधन होने के बावजूद स्टाफ की कमी से यूनिट के प्रभावित संचालन पर उन्होंने नाराजगी जताई.

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शौचालयों की बदहाल स्थिति पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल के वार्डों और शौचालयों का निरीक्षण किया. कई स्थानों पर साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने को कहा.

20 बेड का MNCU, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी

एमएनसीयू वार्ड का निरीक्षण करते समय विधायक ने पाया कि अत्याधुनिक मशीनों और 20 बेड से सुसज्जित यूनिट अधिकांश दिनों में पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही है. प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शिव कुमार चौधरी ने बताया कि यूनिट के सुचारू संचालन के लिए कम से कम चार डॉक्टरों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल एक चिकित्सक उपलब्ध हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार सप्ताह में केवल सोमवार और शुक्रवार को ही सेवा देते हैं, जिससे अन्य दिनों में गंभीर नवजातों का उपचार प्रभावित होता है.

स्वास्थ्य विभाग से स्टाफ उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती के लिए कई बार विभाग को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई. इस पर विधायक ने अस्पताल प्रशासन को दोबारा पत्र भेजने का निर्देश दिया और कहा कि वह स्वयं भी स्वास्थ्य विभाग से इस मुद्दे पर बात कर आवश्यक डॉक्टर, जीएनएम और अन्य मानव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि आधुनिक भवन और मशीनें तभी उपयोगी साबित होंगी, जब पर्याप्त स्टाफ मौजूद होगा.

मरीजों से मिले, दवा व्यवस्था का भी लिया जायजा

विधायक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और दवा उपलब्धता की भी जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 प्रसव होते हैं. ऐसे में गंभीर नवजात शिशुओं के उपचार के लिए MNCU में पर्याप्त डॉक्टर, जीएनएम और वार्ड बॉय की तैनाती अत्यंत आवश्यक है.


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