बक्सर: फर्जी पृष्ठभूमि वाले कंप्यूटर ऑपरेटर को रखने के आरोप में घिरे DEO, जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी गई

फोटो जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय बक्सर | Prabhat Khabar Network
बक्सर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संदीप रंजन पर विभागीय नियमों की अनदेखी कर फर्जी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त करने का आरोप लगा है. इस मामले की जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेज दी गई है.
Buxar DEO Investigation : बक्सर में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संदीप रंजन पर विभागीय निर्देशों की अनदेखी करते हुए फर्जी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर रखने का आरोप लगा है. मामले की जांच पूरी होने के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक राज कुमार ने जांच प्रतिवेदन निदेशक (प्रशासन) को भेज दिया है. अब इस मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है.
Buxar News : शिकायत के बाद हुई जांच. दोनों पक्षों की सुनी गई दलील
जांच प्रतिवेदन के अनुसार भोजपुर जिले के कुरमुरी निवासी विमल कुमार की शिकायत पर मामला सामने आया. शिकायत मिलने के बाद दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई की गई. परिवादी ने 20 मई 2026 को अपना पक्ष रखा, जबकि डीईओ बक्सर ने 6 जून 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया.
समिति की अनुशंसा पर रखे गए कंप्यूटर ऑपरेटर और एमटीएस
शिक्षा विभाग के 3 मार्च 2025 के निर्देश के अनुसार आउटसोर्सिंग कर्मियों से विद्यालय अनुश्रवण कार्य नहीं लेने और 31 मार्च 2025 के बाद उनकी आवश्यकता की समीक्षा करने को कहा गया था. इसके बाद डीईओ ने पांच सदस्यीय समिति गठित की, जिसने एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक एमटीएस रखने की अनुशंसा की थी. इसी आधार पर आदित्य रंजन को कंप्यूटर ऑपरेटर और उत्तम कुमार सिंह को एमटीएस के रूप में कार्य दिया गया.
निगरानी रिपोर्ट में नाम होने के बावजूद नियुक्ति पर सवाल
जांच में सामने आया कि कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत आदित्य रंजन का नाम पटना हाईकोर्ट से जुड़े मामलों के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की संदिग्ध सूची में शामिल था. शिक्षा विभाग ने वर्ष 2013 में ऐसे सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश जारी किया था, जिसे अब तक निरस्त नहीं किया गया है. इसके बावजूद उन्हें कार्य पर रखना विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं माना गया.
बेल्ट्रॉन से ऑपरेटर लेने का था निर्देश. पालन नहीं होने का आरोप
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग ने पहले ही डीईओ को स्पष्ट निर्देश दिया था कि डाटा एंट्री ऑपरेटर बेल्ट्रॉन या समाहरणालय के अधिकृत पैनल से ही लिए जाएं. बावजूद इसके, विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया गया. रिपोर्ट में मानदेय भुगतान के लिए राशि विचलन की आशंका भी जताई गई है.
अन्य कर्मियों की नियुक्ति भी सवालों के घेरे में
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आदित्य रंजन के अलावा रोशन शर्मा, मिथुन कुमार, रोहित कुमार और शैलेश राम भी विभाग में कार्यरत हैं. इनके भुगतान में भी राशि विचलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जबकि विभाग में पहले से बेल्ट्रॉन के दो कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत बताए गए हैं.
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