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buxar news : नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा छठ व्रत का चार दिवसीय अनुष्ठान

Updated at : 24 Oct 2025 9:53 PM (IST)
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buxar news : नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा छठ व्रत का चार दिवसीय अनुष्ठान

buxar news : मिट्टी के चूल्हे पर अरवा चावल, चने की दाल व कद्दू की सब्जी का बनेगा प्रसादघरों में लोक आस्था के महापर्व की तैयारियां पूरीखरना के साथ व्रतियों का कल से शुरू होगा निर्जला उपवास

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बक्सर. लोक आस्था के महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा. इसकी तैयारियां शुक्रवार को पूरी कर ली गयी.

तैयारियों को लेकर लोग सुबह से शाम तक व्यस्त रहे. इस बीच लोगों ने घरों एवं घाटों की साफ-सफाई की. महापर्व का समापन 28 अक्तूबर की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ के बाद पारण के साथ किया जायेगा. सूर्योपासना का यह लोक पर्व कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है. इसके अनुष्ठान से मान-सम्मान, निरोगता, दीर्घ जीवन व धन-धान्य की कामना पूर्ण होती है. महिलाएं छठी मइया के गीत के बीच व्रत की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहीं हैं. लोग घरों की साफ-सफाई एवं घाट बनाने में दिन भर व्यस्त रहे. ज्योतिषाचार्य पं मुन्ना जी चौबे के मुताबिक 25 अक्तूबर को नहाय-खाय एवं 26 अक्तूबर को खरना का व्रत रखा जायेगा. तीसरे दिन 27 अक्तूबर की शाम भगवान भास्कर के डूबते स्वरूप को प्रथम अर्घ एवं चौथे दिन 28 अक्तूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित कर व्रती प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का उपवास तोड़ेंगे.

गीतों की ध्वनि से छठमय हुआ माहौल

छठ महापर्व के गीतों से माहौल छठमय होने लगा है. घरों में महिलाओं द्वारा गाये जा रहे गीतों की ध्वनि सुनाई देने लगी है. वहीं भोजपुरी गायकों के छठ गीत भी बजने लगे हैं. चार दिवसीय छठ व्रत का अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ होगा. उस दिन पूरी निष्ठा के साथ विधि-विधान के साथ चार दिन तक व्रत करने का संकल्प लिया जायेगा, इसके बाद स्नान आदि के बीच शाम को चावल, दाल एवं कद्दू का प्रसाद बनाकर नहाय-खाय के व्रत का समापन किया जायेगा. दूसरे दिन उपवास के साथ व्रती दोपहर बाद गंगा अथवा अन्य नदी व तालाबों में स्नान करेंगे तथा शाम को रोटी, खीर का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू करेंगे. निर्जला उपवास के बीच तीसरे दिन के व्रत में शाम को छठ घाटों पर जाकर व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देंगे तथा चौथे व आखिरी दिन के व्रत के तहत उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित कर प्रसाद ग्रहण करेंगे तथा पारण के साथ व्रत को तोड़ेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH KUMAR

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By SHAILESH KUMAR

SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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