अब स्केलेटर से करें रेल ट्रैक को पार

चार मई को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी खबर बक्सर : बक्सर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जुलाई माह से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने के लिए ओवरब्रिज पर चल नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वे स्वचालित सीढ़ियों की मदद से आवागमन कर सकेंगे. फुट ओविरब्रज यात्रियों के लिए जानलेवा की […]
चार मई को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी खबर
बक्सर : बक्सर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जुलाई माह से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने के लिए ओवरब्रिज पर चल नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वे स्वचालित सीढ़ियों की मदद से आवागमन कर सकेंगे. फुट ओविरब्रज यात्रियों के लिए जानलेवा की खबर को प्रभात खबर में प्रमुखता से छापने के बाद स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. यह स्वचालित सीढ़ी प्लेटफॉर्म संख्या एक व दो के बीच में लगायी जा रही है़ इस पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. जुलाई माह के अंत तक सीढ़ी के काम करने की संभावना है.
दो स्कलेटर व दो लिफ्ट भी लगाये जायेंगे : बक्सर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक व दो पर एक-एक लिफ्ट लगेगा़ सेक्शन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट व इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के संयुक्त प्रयास से स्वचालित सीढियां लगायी जानी हैं. बताया जा रहा है कि प्लेटफॉर्म संख्या एक पर एक स्वचालित सीढ़ी चढ़ने के लिए लगायी जायेगी, लेकिन स्वचालित सीढ़ी उतरने के लिए नहीं बनायी जायेगी. जबकि प्लेटफॉर्म संख्या दो से प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर जाने के लिए भी सिर्फ चढ़ने की सीढ़ी बनायी जायेगी. जानकारी के अनुसार दोनों प्लेटफॉर्म पर चढ़ने व उतरने के लिए लिफ्ट लगाये जायेंगे. लिफ्ट लगाने का काम शुरू किये जाने से यात्रियों में खुशी है.
रोज होता है 110 ट्रेनों का आवागमन : बतादें कि इन दिनों बक्सर स्टेशन से प्रतिदिन 24 घंटे में करीब 110 ट्रेनों का आवागमन होता है. इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेनों का ठहराव बक्सर स्टेशन पर होता है. बक्सर रेलवे स्टेशन से अनेकों लंबी दूरी की गाडियां निकलती हैं. ऐसे में स्टेशन के प्लेटफार्मों पर लगभग हर समय अच्छी खासी भीड़ होती है. यह भीड़ अनेकों बार पैदल पुल से एक साथ बाहर निकलती है, या फिर ट्रेनों का समय होने पर एक साथ प्लेटफार्मों पर जाती है.
ऐसे में उक्त संकरे पैदल पुल पर एक दूसरे में धक्कामुक्की का आलम लगभग रोज होता है. स्वचालित सीढ़ियां व लिफ्ट लगाये जाने के बाद इस समस्या से यात्रियों को निजात मिल जायेगी. स्वचालित सीढ़ी से वृद्ध व अपंग यात्रियों को भी एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में सहूलियत होगी, जो ज्यादा सामान के साथ सफर करते हैं. दानापुर मंडल के कुछ स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ी लगाने का प्रस्ताव बजट के बाद ही था. इसमें बक्सर की भी हिस्सेदारी तय कर दी गयी थी. रेल सूत्रों के अनुसार पटना में चार स्कलेटर व चार लिफ्टों के साथ आरा व बक्सर में भी स्वचालित सीढ़ियां लगायी जानी थीं. आरा में भी एक लिफ्ट लगाने की मंजूरी मिली है. इस बाबत दानापुर मंडल के डीआरएम के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि यह कवायद यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दी जा रही है. उनके मुताबिक योजना को जुलाई के अंत तक मूर्तरूप दे देना है.
स्टेशन प्रबंधन के इलेक्ट्राॅनिक विभाग ने प्लेटफार्म संख्या एक से तीन तक पर स्वचालित सीढ़ी व लिफ्ट निर्माण का सर्वेक्षण कर उसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को पहले ही भेजा था. स्वचालित सीढ़ी लगाने का कार्य पैदल पुल का निर्माण कार्य समाप्त होने के बाद प्रारंभ होना था, लेकिन बजट के कारण कार्य में देरी हुई. रेल सूत्रों के मुताबिक स्वचालित सीढ़ी के निर्माण के साथ ही विकलांगों को प्लेटफार्म संख्या एक से तीन तक पर आने जाने हेतु भी पूरा पूरा ख्याल रखा जायेगा.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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