मजदूरों को नहीं मिल रहा काम

Updated at : 03 May 2017 2:28 AM (IST)
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मजदूरों को नहीं मिल रहा काम

तैयारी. 22 को जिला प्रशासन का घेराव करेंगे मजदूर डुमरांव : बिहार राज्य निर्माण मजदूर अभियान समिति द्वारा मई दिवस के अवसर पर मजदूरों की एक सभा डुमरांव नगर भवन में आयोजित की गयी. कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक एवं मजदूर नेता डाॅ दाउद अली ने किया. मुख्य अतिथि अ.ना. समाज अध्ययन संस्था पटना के […]

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तैयारी. 22 को जिला प्रशासन का घेराव करेंगे मजदूर

डुमरांव : बिहार राज्य निर्माण मजदूर अभियान समिति द्वारा मई दिवस के अवसर पर मजदूरों की एक सभा डुमरांव नगर भवन में आयोजित की गयी. कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक एवं मजदूर नेता डाॅ दाउद अली ने किया. मुख्य अतिथि अ.ना. समाज अध्ययन संस्था पटना के प्रो. डाॅ हबीबुल्लाह अंसारी थे. सभी की अध्यक्षता देवराज और संचालन उमेश निषात ने किया. जिले एवं राज्य के कोने-कोने से करीब पांच सौ से अधिक मजदूर एवं उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
डाॅ अली ने असंगठित मजदूरों को सरकार द्वारा मिलनेवाले अनेकों प्रकार के लाभों की चर्चा की. जैसे मातृत्व लाभ, पेंशन, विकलांगता पेंशन, मृत्यु लाभ, मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों को पुरस्कार, चिकित्सा सहायता, शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता आदि एवं इन लाभों को प्राप्त करने के लिए नियमों एवं विधियों की चर्चा की. उन्होंने 60 वर्ष के उपर उम्रवाले असंगठित मजदूरों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की मांग की तथा उपरोक्त लाभों को सही तरीके से जिला प्रशासन द्वारा लागू करने की स्थिति खेद व्यक्त किया.
उपस्थित मजदूरों ने यह निर्णय लिया कि 22 मई को जिला प्रशासन का घेराव करेंगे तथा उपरोक्त लाभों को लागू करने के लिए सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनायेंगे. सभा में मुख्य अतिथि ने कहा कि वैश्वीकरण एवं आर्थिक उदारता से मजदूरों के लिए संकट पैदा हुआ है उसका दूरगामी परिणाम पूरे विश्व को भुगतना पड़ेगा.
उन्होंने मजदूरों के सम्मान एवं देश के अर्थतंत्र में योगदान पर भी प्रकाश डाला एवं मजदूरों को संगठित होकर अपने हक के लिए लड़ाई लड़ने की बात की. मजदूरों के स्वस्थ, लंबे घंटे तक काम, कम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा आदि पर जोर दिया. सभा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि डाॅ अली के अथक प्रयास एवं मजदूरों के आंदोलन से बिहार सरकार ने बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार, सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 में लागू किया एवं तत्पश्चात 2016 में उसमें कई नियमों में संशोधन भी किया,
जिसमें कई तरह के लाभों को प्रावधान है और उनमें मिलनेवाली राशियों में बढ़ोतरी की गयी है. कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में महेंद्र राम, हदीस अंसारी, कैलाश यादव, अमरेंद्र सिंह, राज सिंह, रेहाना खातून, उतम तिवारी शामिल रहे.
नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
राजपुर. प्रखंड की कुल 19 पंचायतों में काम करनेवाले मजदूरों को इस समय सरकारी योजनाओं में कोई काम नहीं मिल रहा है़, जिस वजह से इनके समक्ष कई बड़ी परेशानियां आन पड़ी हैं़ दो जून की रोटी से लेकर दवा तक का इंतजाम करना इनके लिए मुसीबत बना हुआ है़ जबकि सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है़ं सबसे बड़ी योजना है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना़ इस योजना के तहत प्रत्येक मजदूर परिवार को 100 दिनों का रोजगार देना सुनिश्चित किया है, लेकिन यह विडंबना ही कही जायेगी कि राजपुर प्रखंड में विगत चार माह से इस योजना से कोई काम मजदूरों को नहीं मिला है़ जबकि इसके नियमावली पर बात करें तो काम नहीं मिलने के पर इन मजदूरों को सरकार बेराजगार होने की स्थिति में मुआवजा देना है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इतना दिन काम नहीं मिलने के बाद भी आज तक एक भी मजदूर को कोई मुआवजा भी नहीं मिला है़ इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ गौरव कुमार ने बताया कि राशि के अभाव में काम बंद था, लेकिन फिलहाल किसी मजदूर ने काम की मांग नहीं की है़
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