एक बार रद्द हुआ तो देश में कहीं नहीं बनेगा लाइसेंस
Updated at : 06 Apr 2017 3:43 AM (IST)
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सेंट्रलाइज किया जा रहा परिवहन विभाग का सिस्टम ड्राइविंग लाइसेंस में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक बक्सर : अपराधी अब पुलिस की नजरों में धूल झोक कर एक आइडी पर अलग-अलग राज्यों में न तो डीएल बनवा पायेंगे और न ही ब्लैक लिस्टेड वाहन का संचालन कर पायेंगे. परिवहन मंत्रालय शीघ्र ही डीटीओ ऑफिस को सेंट्रलाइज […]
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सेंट्रलाइज किया जा रहा परिवहन विभाग का सिस्टम
ड्राइविंग लाइसेंस में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
बक्सर : अपराधी अब पुलिस की नजरों में धूल झोक कर एक आइडी पर अलग-अलग राज्यों में न तो डीएल बनवा पायेंगे और न ही ब्लैक लिस्टेड वाहन का संचालन कर पायेंगे. परिवहन मंत्रालय शीघ्र ही डीटीओ ऑफिस को सेंट्रलाइज सर्वर से जोड़ने की प्लानिंग कर रहा है. जिसकी कवायद शुरू हो चुकी है. नये परिवहन कानून के तहत विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है. अभी परिवहन विभाग से निर्गत लाइसेंस व नंबर प्लेट की जानकारी सिर्फ राज्य स्तर पर ही मिल पा रही है. लेकिन, इस तकनीक से देश के किसी भी राज्य से ड्राइविंग लाइसेंस या वाहनों के रजिस्ट्रेशन की जांच की जा सकेगी. इसके कारण न तो फर्जी लाइसेंस बन पायेगा और न ही कोई वहां का गलत रजिस्ट्रेशन करा पायेगा.
अभी तक इस प्रकार है प्रक्रीया: जिला मुख्यालयों में स्थित डीटीओ कार्यालय से सीडी या ईमेल के जरिये डाटा को संबंधित कार्यालय भेजा जाता है. इसके बाद आरटीओ कार्यालय से राज्य परिवहन मुख्यालय डाटा भेजा जाता है और फिर परिवहन मुख्यालय से एनआइसी को डाटा भेजा जाता है. इसमें भी सीडी और ईमेल की मदद ली जाती है.
इससे डाटा भेजने में कई दिनों का समय लग जाता है.
एक सॉफ्टवेयर पर होगा काम: वहीं दूसरी ओर अभी तक सभी राज्यों के परिवहन विभाग के अपने अलग सॉफ्टवेयर हैं. जिनमें आपस में समानता का अभाव है, लेकिन अब सेंट्रल सर्वर के हिसाब से नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा चुका है सभी जिले के परिवहन विभाग को वहीं सर्वर फॉलो करना होगा.
एनआइसी करेगा मॉनीटरिंग: परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो एनआइसी यानी कि नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर ने सेंट्रलाइज सर्वर तैयार किया है. सर्वर से जिले परिवहन ऑफिस को इससे जोड़ा जायेगा. जिले का परिवहन कार्यालय से फीड होने वाला डाटा डायरेक्ट एनआइसी के सेंट्रल सर्वर पर शो करेगा.
परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर को एनआइसी के नये सॉफ्टवेयर के हिसाब से चलना पड़ेगा.
ये होंगे इसके फायदे
एक आइडी पर एक व्यक्ति किसी एक राज्य के डीटीओ ऑफिस में ही डीएल बनवा सकेगा. डीएल और वाहन ब्लैक लिस्ट होने पर वह नेशनल सर्वर शो करेगा. इस तरह एक बार लाइसेंस रद्द होने के बाद देश में कहीं नहीं बनेगा. इससे आपराधिक गतिविधियों पर भी लगाम लग जायेगी. ऑफिस में डाटा के साथ छेड़छाड़ नहीं हो पायेगी. कंप्यूटर पर वायरस होने पर डाटा उड़ने का खतरा नहीं रहेगा.
क्या कहते हैं परिवहन पदाधिकारी
परिवहन कार्यालयों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने को लेकर प्लानिंग चल रही है. इस आशय का पत्र मिला है. एक सर्वर से सभी कार्यालय जुड़ेंगे तो इसके कई फायदे होंगे. – दिवाकर झा, जिला परिवहन पदाधिकारी
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