पापा! ये क्या हो गया, मेरे पैर नहीं रहे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Nov 2016 6:04 AM (IST)
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ट्रेन हादसा . 11 घंटे मौत से जूझती रही मेडिकल की छात्रा कोमल, अस्पताल में तोड़ा दम डुमरांव : रविवार की अहले सुबह करीब छह बजे पिता पुष्पजीत सिंह गहरी नींद के आगोश में थे़ तभी मोबाइल की घंटी बजी और उनकी नींद टूटी. जैसे ही वे फोन उठाये की उधर से आवाज आयी पापा […]
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ट्रेन हादसा . 11 घंटे मौत से जूझती रही मेडिकल की छात्रा कोमल, अस्पताल में तोड़ा दम
डुमरांव : रविवार की अहले सुबह करीब छह बजे पिता पुष्पजीत सिंह गहरी नींद के आगोश में थे़ तभी मोबाइल की घंटी बजी और उनकी नींद टूटी. जैसे ही वे फोन उठाये की उधर से आवाज आयी पापा मुझे क्या हो गया! मेरे पैर अब नहीं रहे. 11 घंटे के दौरान पिता ने तीन बार अपनी बेटी की आवाज सुनी उसके बाद कोमल की सांसे थम गयीं. करीब दो बजे इधर से कॉल गया, तो किसी शख्स ने ट्रेन हादसे में उनकी बेटी की मौत की खबर दी. मनहूस खबर सुन परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पडा. सोमवार को मेडिकल की छात्रा का शव अपने पैतृक घर डुमरांव करीब तीन बजे शाम में पहुंचा.
शव पहुंचते ही इलाका गमगीन हो गया. परिजनों के आंसू नहीं थम रहे थे. इंदौर-पटना एक्सप्रेस की दुर्घटना ने हसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया. शव उठते ही आसुओं के सैलाब में पूरा शहर डूब गया़
बिखर गया डाॅक्टर बनाने का ख्वाब : मृतक छात्रा के पिता भभुआ में बीसीओ के पद पर बहाल है़ं. मां धर्मशिला सिंह दानापुर रेलवे हाइ स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका है़ं. परिवार का सपना था कि बेटी पढ़ लिखकर गरीबों की सेवा करे. परिजन ने कोमल को भोपाल के मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया था. तृतीय वर्ष की छात्रा कोमल अपने मौसा अनिल सिंह की पुत्री लवली की शादी में शामिल होने के लिए इंदौर से पटना आने के लिए ट्रेन में चढी थी. इसी दौरान कानपुर के समीप ट्रेन हादसे में उसकी मौत हो गयी. एक झटके में ही परिजनों का बेटी का डाॅक्टर बनाने का ख्वाब बिखर गया.
कोमल का शव पहुंचते ही गम में डूबे डुमरांव के लोग
शव देखते ही बेहोश हुई मां
सपनों की उम्मीद बनी लाडली बेटी कोमल का शव देखते ही मां बेहोश हो गयी. परिजनों ने होश में लाकर ढाढस बंधाया. इस दौरान सभी के आंसू नहीं थम रहे थे़ छात्रा के चाचा पीटीआइ शिक्षक अजीत सिंह व मोहन सिंह बताते हैं कि कोमल होनहार बेटी थी. वह दो बहनों व एक भाई में बड़ी थी. दूसरी बेटी पारो दिल्ली के नोयडा में बीटेक की पढ़ाई कर रही है़ बेटा गोलू पटना में ही नवम का छा़त्र है़. शव पहुंचने के बाद मोहल्ले की सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. सबके चेहरे पर गम व खामोशी छायी रही.
शादी की खुशी में पसरा गम
मृतक छात्रा के मौसा अनिल सिंह के घर बेटी लवली की सगाई समारोह 25 नवंबर को तय था. 21 नवंबर को तिलक का रस्म होना तय है़ इस खुशी में शामिल होने के लिए कोमल इंदौर से पटना के लिए चली थी. पर इस घटना ने सबकी खुशियों पर पानी फेर दिया. शादी की खुशी में मौत की खबर सुन माहौल गमगीन हो गया.
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