कथा सुन कर भगवान भास्कर को दिया अर्घ

Published at :24 Sep 2016 7:49 AM (IST)
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कथा सुन कर भगवान भास्कर को दिया अर्घ

बक्सर : पुत्रों की लंबी उम्र की कामना को लेकर शुक्रवार को माताओं ने जीवित पुत्रिका व्रत रखा. माताओं ने निर्जला रह देर शाम गंगा तट पर स्नान कर भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. पुत्र के चिरंजीवी होने की कामना को लेकर मनाया जाने वाला जीवित पुत्रिका व्रत जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में […]

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बक्सर : पुत्रों की लंबी उम्र की कामना को लेकर शुक्रवार को माताओं ने जीवित पुत्रिका व्रत रखा. माताओं ने निर्जला रह देर शाम गंगा तट पर स्नान कर भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. पुत्र के चिरंजीवी होने की कामना को लेकर मनाया जाने वाला जीवित पुत्रिका व्रत जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में शुक्रवार को परंपरागत रूप से संपन्न हुआ. इस मौके पर व्रती माताओं ने निर्जला उपवास रखकर भगवान जीमूत वाहन की विधिवत पूजा-अर्चना एवं जीवित पुत्रिका व्रत कथा का श्रवण किया. इसके लिए जगह-जगह व्रती माताओं की भीड़ जुटी थी.

कई स्थानों पर व्रतियों ने भगवान सूर्य को भी अर्घ्य अर्पित किया. ऐसी मान्यता है कि व्रत रखने वाली माताओं के पुत्र दीर्घजीवी होते हैं. नदी, तालाब व अन्य जलाशयों में स्नान कर भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य दे पूजा अर्चना कर पुत्र की दीर्घायु होने की मंगल कामना की. पुत्र-पुत्री की दीर्घायु होने की कामना की. शाम ढलते ही प्रखंड में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी. नेनुआ के पता पर जिउतिया धागे में सोने एवं चांदी का गुथाकर, अरवा चावल के अछत लेकर पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पूजा अर्चना की. इस दौरान माहौल भक्तिपूर्ण बना रहा. देर शाम माताओं ने कथा सुनकर ब्राहमणों को दान दिया. व्रत को लेकर दोपहर से ही बक्सर स्थित गंगा घाटों पर माताओं का तांता लगा रहा, जो देर शाम तक जारी रहा.

प्रखंडों में धूम धाम से मनाया गया जीवित पुत्रिका व्रत : चौगाईं स्थानीय प्रखंड के विभीन्न गांवों में जीवित पुत्रिका व्रत धूम धाम से मनाया गया. महिलाओं ने शुक्रवार के दिन उपवास रखा. शाम में व्रत का कथा सुन अपने पुत्र की दिर्घायु की कामना की. इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न तालाबों पर भिड़ रही. इस व्रत पर महिलाएं अपने पुत्र की दिर्घायु के लिए व्रत रखती है़

वहीं, ब्रह्मपुर प्रखंड के पवित्र शिवसागर तालाब, गोकुल जलाशय, एवं उतरवाहिनी गंगा मे स्नान कर माताओ ने छतिस घंटे का कठिन जीवित पुत्रिका का व्रत रख अपने संतान के लम्बी उम्र की कामना की़ व्रत को लेकर माताएं बाबा बरमेश्वर नाथ मंदिर पर इकट्ठा हुयी. जहां पंडितों ने इस व्रत की महिमा संबधी कथा कही़ राजपुर में महिलाओं ने महिलाओं ने क्षेत्र में स्थित तालाबों और नदियों में स्थान करके संध्या समय मंदिरों एवं घरों में इक्ठा होकर जीवित पुत्रिका व्रत की कथा का श्रवण किया़. इस दौरान नदियों एवं तालाबों के पास मेले का नजारा बना रहा.

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