बल्ब जलता है, पर नहीं होती रोशनी

Published at :06 Jun 2016 8:21 AM (IST)
विज्ञापन
बल्ब जलता है, पर नहीं होती रोशनी

परेशानी. बिजली के लो-हाइ वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान, कूलर, एसी बेकार बक्सर : एक तो ऊमस भरी गरमी, उस पर से अघोषित बिजली की कटौती व वोल्टेज के लो-हाइ होने के चलते शहर सहित गांवों में भी जन जीवन बदहाल हो गया है. लोकल फाॅल्ट के चलते उपभोक्ताओं को बिजली खून के आंसू रुला रही […]

विज्ञापन
परेशानी. बिजली के लो-हाइ वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान, कूलर, एसी बेकार
बक्सर : एक तो ऊमस भरी गरमी, उस पर से अघोषित बिजली की कटौती व वोल्टेज के लो-हाइ होने के चलते शहर सहित गांवों में भी जन जीवन बदहाल हो गया है. लोकल फाॅल्ट के चलते उपभोक्ताओं को बिजली खून के आंसू रुला रही है.
हालात यह कि ऊमस भरी गरमी में बिजली की अनियमित कटौती से लोगों का हाल बेहाल हो चुका है. इधर धान की खेती के लिए किसान बिचड़ा डालने के लिए नर्सरी की तैयारी में लगे हैं, पर पानी के लिये बिजली की समस्या आड़े आ रही है. बिजली की समस्या की मार से लघु और कुटीर उद्योग भी बेजार हैं, जिसके चलते लघु उद्यमियों का व्यवसाय भी चौपट हो रहा है.बिजली के रहने के बावजूद लो वोल्टेज के चलते बिजली के उपकरण शो पीस बन कर रह गये हैं.
कभी-कभी वोल्टेज अचानक हाइ होने के कारण बिजली के उपकरण जल भी जा रहे हैं. उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी उदासीन बने हुए हैं.
क्या है समस्या : नगर के लगभग 34 वार्डों में अनियंत्रित बिजली की समस्या बनी हुई है, जिसके चलते बिजली उपभोक्ताओं को अच्छी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है.जब वोल्टेज लो होता है, तो घर में लगाये गये बल्ब दीपक बन जाते हैं और पंखा धीरे-धीरे घूमता है.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बने शोभा की वस्तु : टीवी, फ्रिज, कूलर आदि घरेलु बिजली के उपकरण शो पीस बन कर रह गये हैं. वहीं, बिजली के हाइ वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण जल जा रहे हैं. इस समस्या के संबंध में आम बिजली उपभोक्ताओं की मानें, तो नगर में बिजली की आपूर्ति के लिए लगाये गये तार जर्जर हो कर आये दिन टूट कर गिरते रहते हैं.
बिजली आधारित व्यवसाय हो रहा चौपट : वोल्टेज की समस्या के चलते शहर में चलनेवाले लघु और मध्यम उद्योगों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है. अप डाउन होते वोल्टेज की वजह से उद्यमियों को जेनेरेटर चलाने के कारण अतिरिक्त आर्थिक चपत लग रहा है. वहीं, जेनेरेटर के शोर और निकलनेवाले धूंआ से वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से स्वास्थ्य भी बुरा असर पड़ने की समस्या बढ़ गयी है.
क्या कहते हैं उपभोक्ता
इस बाबत पूछे जाने पर गणेश इंजीनियरिंग के पिंटू पोद्वार ने बताया कि वोल्टेज हाइ व लो होने के कारण कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है.समय से ग्राहकों को आर्डर के उपकरण देने के लिये जेनेरेटर के प्रयोग करना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है.
शहर के वार्ड संख्या 30 निवासी नीलम पांडेय कहतीं हैं कि गरमी से राहत के लिये घर में लगाया गया कूलर वोल्टेज लो होने के कारण बस घर में शोभा की वस्तु बन कर रह गया है. जिस दिन से लिये बस दो से तीन दिन ही चल पाया होगा.
वार्ड नंबर 32 निवासी सीता शर्मा ने बताया कि वोल्टेज के कम-ज्यादा होने की वजह से हमारे मोबाइल का चार्जर व इमरजेंसी लाइट जल गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पोलों पर अर्थिंग की कमजोरी से इस तरह की समस्या उत्पन्न हुई है. ट्रांसफॉर्मरों पर अर्थिंग मजबूत करने की व्यवस्था की जायेगी. चूंकि गरमी के दिनों में ज्यादा विद्युत खपत होने की वजह से कमजोर अर्थिंगवाले ट्रांसफॉर्मरों पर इस तरह की समस्या होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन