आग को ले खेत-खलिहानों पर पहरा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Apr 2016 12:37 AM (IST)
विज्ञापन

तबाही. 20 दिनों में जला हजारों बोझा गेहूं, लाखों की संपत्ति हुई बरबाद पिछले 20 दिनों पर गौर किया जाये, तो इलाके में अगलगी की दर्जन भर घटनाओं में हजारों बोझे गेहूं सहित लाखों रुपये की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गयी. आग से अपनी जमा पूंजी गंवा चुके किसानों को दो वक्त की रोटी […]
विज्ञापन
तबाही. 20 दिनों में जला हजारों बोझा गेहूं, लाखों की संपत्ति हुई बरबाद
पिछले 20 दिनों पर गौर किया जाये, तो इलाके में अगलगी की दर्जन भर घटनाओं में हजारों बोझे गेहूं सहित लाखों रुपये की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गयी. आग से अपनी जमा पूंजी गंवा चुके किसानों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गये हैं. अब बचाव के लिए किसानों ने खेत-खलिहानों पर पहरा बैठा दिया है. रात-दिन गेहूं के बोझों की निगरानी की जा रही है.
डुमरांव : आग की विनाशलीला के बाद बचाव के लिए किसान सजग हो गये हैं. खेतों में गेहूं की फसल की कटाई के बाद बोझों की निगरानी की जा रही है. अगर आग से फसलें बच गयीं, तो किसानों के परिजनों के दिन फिर सकते हैं. पिछले 20 दिनों में अगलगी की सर्वाधिक घटनाएं घटीं, जिसमें सबसे अधिक नुकसान किसानों ने झेला. कर्ज के पैसों से फसल उगानेवाले किसान सारे काम छोड़ किसी तरह फसल को घर लाने की जुगत में लगे हैं.
मजदूरों की कमी झेल रहे किसान: इलाके में खेतिहर मजदूरों की भारी कमी है. मजदूरों की कमी झेल रहे किसान दिन-रात मजदूर बस्ती में दस्तक दे रहे हैं. किसान राम अवतार, विनोद चौधरी, लालबाबू एवं अनिल सिंह कहते हैं कि मजदूरों की कमी से गेहूं के बोझे खलिहानों में पड़े हैं. गरमी की तपिश व पछुआ हवा के कारण सूखे बोझों को सुरक्षित रखना काफी मुश्किल हो गया है.
नहीं मिलती है अनुदान राशि : सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आम किसानों को नहीं मिल पाता है. विशेष किसान ही इसका फायदा उठा पाते हैं. डीजल अनुदान व फसल बीमा की राशि से अधिकतर किसान वंचित हैं. वहीं, फसलों को बचाने से लेकर रोपनी के दौरान पानी की कमी झेलनी पड़ती है. इलाके के सूखे नहरे व सरकारी नलकूपों के फेल रहने से इलाके की खेती कुप्रभावित होती है.
क्या कहते हैं वैज्ञानिक : कृषि वैज्ञानिक डॉ रेयाज अहमद की मानें, तो खेतों में डंठल जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में गिरावट आती है और दोबारा फसल की बोआई के बाद पैदावार में कमी आती है. उन्होंने कहा कि अवशेष से निकले धुएं मानव शरीर को कुप्रभावित करता है और लोगों में कई तरह की बीमारियां घर कर जाती हैं. इससे सांस, हृदय व दमा रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है.
डुमरांव . अग्निकांडों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाये हैं. इसकी रोकथाम के लिए कई तरह के दिशा निर्देश जारी किये गये हैं. अब खेतों में गेहूं के डंठल जलानेवाले किसानों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. इसकी जानकारी देते हुए डीएम रमण कुमार ने बताया कि अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है की खेतों में डंठल जलानेवाले किसानों को चिह्नित कर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 ख के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाये.
इस मामले के आरोपित को दो वर्षों की सजा के अलावा आर्थिक दंड भी दिया जा सकता है. उन्हाेंने कहा कि अनुमंडल के विभिन्न गांवों में आग से रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा.
आग से ऐसे करें बचाव
दिन में सुबह नौ बजे तक व रात का खाना शाम छह बजे तक बना चूल्हे की आग को ठीक से बुझा दें
पूजा-पाठ, हवन-अनुष्ठान सुबह 9 बजे तक पूरा कर लें
खेतों में गेहूं के डंठल न जलायें
आग लगने पर फायर ब्रिगेड व स्थानीय प्रशासन को सूचित करें
जल रही बीड़ी, सिगरेट व माचिस की तिल्ली यत्र-तत्र न फेकें
आग पर बालू व साबुन का
घोल डालें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




