दोगुने दामों पर शराब की बिक्री जारी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Apr 2016 12:40 AM (IST)
विज्ञापन

डी-एडीक्शन सेंटर पर 18 दिनों बाद भी नहीं पहुंचा कोई गंभीर मरीज बक्सर : पूरे राज्य में पूर्ण शराबबंदी की सरकार की घोषणा की गयी है. इसके बाद भी छापेमारी के दौरान जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बरामद की जा रही है. शराब रखना, पीना, पिलाना राज्य में गैर कानूनी घोषित होने के […]
विज्ञापन
डी-एडीक्शन सेंटर पर 18 दिनों बाद भी नहीं पहुंचा कोई गंभीर मरीज
बक्सर : पूरे राज्य में पूर्ण शराबबंदी की सरकार की घोषणा की गयी है. इसके बाद भी छापेमारी के दौरान जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बरामद की जा रही है. शराब रखना, पीना, पिलाना राज्य में गैर कानूनी घोषित होने के बावजूद जिले में चोरी छिपे न केवल बिक्री हो रही है, बल्कि दोगुनी दर वसूली जा रही है.
बिहार उत्पाद संशोधन अधिनियम 2016 में शराब की गतिविधियों में किसी तरह संलिप्त रहने पर उम्र कैद से आजीवन कारावास की सजा एवं 1 लाख से 10 लाख तक जुर्माना निर्धारित है. बावजूद लोगों द्वारा अवैध शराब व्यवसाय में संलिप्तता प्रशासनिक तैयारी को सवाल के घेरे में खड़ा कर रहा है.
दूसरी ओर शराब के आदी लोगों पर दुष्प्रभाव का 2 से 5 दिनों में दिखने वाला असर 18 दिन गुजरने के बाद भी नहीं दिख रहा है. शराब के आदी लोगों के लिए सदर अस्पताल में बने नशामुक्ति केंद्र में अब तक एक मरीज भी नहीं पहुंचे हैं. यह स्थिति जिले में पूर्ण शराबबंदी पर सवालिया निशान लगा दिया है.
निमंत्रण पर यूपी खूब जाने लगे बिहारी : जिले में प्रशासनिक स्तर पर पूर्ण शराबबंदी की घोषणा हो गयी, पर ग्रामीण स्तरों पर इसका असर आज भी नहीं दिख रहा है. लोगों को अब भी आसानी से देशी और विदेशी शराब मिल जा रही है. शराब के आदी लोग अब भी देखे जा सकते हैं.
शराब के नशे में झूमते हुए. पूर्व के दिनों में यूपी से आये न्योता को लोग नजरअंदाज कर देते थे या फिर नहीं भी जाते थे, मगर शराब पर लगी पाबंदी के बाद वहां जाने लगे हैं और लोग हर न्योता में बिहार से यूपी जा रहे हैं. ताकि इसी बहाने एक घूंट शराब पी सकें. कहते हैं नदिया से दरिया, दरिया से सागर, सागर से गहरा है जाम, तभी तो सरकार द्वारा कड़ी सजा से बेफिक्र जाम में डुबकी लगाने लोग सांस की दूरी पर स्थित उत्तरप्रदेश चले जाते हैं.
सिगरेट पीने वालों की बढ़ी संख्या : शराब के आदी लोग शराब की खुमार मिटाने के लिए सिगरेट खींचते नजर आ जाते हैं. सिगरेट में ये लोग गांजे को भर कर कस लगाते देेखे जा सकते हैं.
खुले कई नये मयखाने : उत्तरप्रदेश से सटे गाजीपुर जिले के गहमर थाने का कुतुबपुर गांव जो चौसा से सटा है तथा देवल गांव जो बक्सर एवं कैमूर से सटा है. इन दोनों जगहों पर उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा नयी शराब की दुकानें खोली गयी हैं.
सजा है कड़ी : हत्या के जुर्म में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तौर पर आजीवन कारावास की सजा है. बिहार सरकार ने शराब को लेकर हत्या के बराबर की सजा मुकर्रर की है. बावजूद शराब विक्रेता एवं पीने वाले सभी बेफिक्र हैं. इसमें उम्रकैद से लेकर आजीवन कारावास एवं 1 लाख से 10 लाख तक जुर्माना लगाया गया है. कड़ी सजा के बावजूद लोग नहीं डरते हैं. शराब के सेवन से लेकर बिक्री तक आज भी धड़ल्ले से जारी है.
शराब की बिक्री दोगुना दामों पर जारी : शराब की बिक्री जिले में अब भी पहले की तरह ही जारी है. देशी शराब 30 रुपये की बजाय 60 रुपये एवं विदेशी शराब 80 रुपये वाला 200 रुपये में आसानी से उपलब्ध है. सूत्रों के अनुसार अगले तीन माह तक का स्टॉक क्षेत्र में पड़ा हुआ है. उसका व्यापक पैमाने पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में व्यवहार होगा.
डी एडिक्शन सेंटर पड़ा है खाली :
शराबियों के शराब के दुष्परिणाम को खत्म करने के लिए डी एडिक्शन सेंटर का निर्माण किया गया है, जो 18 दिनों बाद भी मरीज का इंतजार कर रहा है. इससे शराब बिक्री की पुष्टि होती है़
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
इस संबंध में जब स्थानीय थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है. हालांकि उस पार से आने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. शराब पीकर पकड़े जाने अथवा शराब सहित पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




